बिजनौर विकास भवन में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक को संबोधित करते सांसद मलू?
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बिजनौर। केन्द्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ गरीब, गांव और वंचितों तक पहुंचना चाहिए। पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन भी हो। यह बात सांसद मलूक नागर ने कही। सांसद गिरीशचंद बोले कि जिले विकास मे जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन लिया जाए। साथ ही योजनाओं की समीक्षा की गई।
सोमवार को विकास भवन सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद गिरीश चंद ने कहा कि प्रदेश में जिला योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रथम आना चाहिए। केंद्र सरकार की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाए। समाज की आखिरी पंक्ति के व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले। भारत सरकार की मंशा है कि हर गरीब को छत मिले।
सांसद मलूक नागर ने कहा कि देश, प्रदेश व जनहित को ध्यान में रख कर कार्य करें। उन्होंने सीएमओ से कहा कि बिजनौर व चांदपुर विधानसभा क्षेत्र में कोरोना से जिन व्यक्तियों की मौत हुई है, उसकी सूची उपलब्ध करायें ताकि उनके परिवारजनों को व्यक्तिगत रूप से वह आर्थिक सहायता प्रदान कर सकें। विधायक स्वामी ओमवेश ने कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों से संपर्क करें। विधायक राम अवतार सैनी ने दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास योजना से संबंधित कार्यों का वर्षवार विवरण उपलब्ध कराने के लिये कहा। एडीएम विनय कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जनपद मुख्यालयों के नगर निकायों को स्मार्ट सिटी बनाने के कार्यों के लिये सैद्धांतिक सहमति दी है।
परियोजना निदेशक डीआरडीए ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि मनरेगा के तहत 26.76 लाख मानव दिवस सृजित कर 114373 परिवारों को लाभ पहुंचाया गया है। जिले में 15136 राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत समूह गठित किये गये हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 38.700 किमी के छह मार्गों का निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। 1123 पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों में 1119 निर्मित हो गये है तथा शेष निर्माणाधीन है। एआरटीओ शिवशंकर सिंह ने बताया कि 40 खनन वाहनों को चेकिंग के दौरान मानक पूरे नहीं होने पर जब्त किया गया है। बैठक में 43 योजनाओं व कार्यक्रमों पर चर्चा की गयी व आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। इस अवसर सीडीओ पूर्ण बोरा, एडीएम विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।