धोखाधड़ी के आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने धोखाधड़ी के आरोपी सरफराज अहमद की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
थाना अफजलगढ़ के गांव सीरवासुचंद निवासी असलम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ग्राम भवानीपुर उर्फ जिक्रीवाला में उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त है। उनकी एक आबादी की आराजी ग्राम सीरवासुचंद में है, जो उसके पूर्वजों द्वारा बैनामे से खरीदी गई थी। उनके पूर्वजों की मौत के बाद उसका व उसके परिवार वालों के नाम खतौनी में दर्ज हैं। एक हजार छह वर्ग गज की इस आवासीय भूमि को उसने किसी को नहीं बेचा है, लेकिन उसके फर्जी हस्ताक्षर कर और उसका फोटो लगाकर धोखाधड़ी से दस रुपये के स्टांप पर एक हजार छह वर्ग मीटर भूमि मोहम्मद शहजाद ने खरीदनी दिखाई है। इस भूमि में से 203 वर्ग गज जमीन मोहम्मद शाहिद ने खरीदना दिखाया है। शाहिद ने इसे 24 नवंबर 2017 को सरफराज के हक में बैनामा करना बताया है। असलम का कहना है कि उसने कोई भूमि शाहिद ने नहीं बेची है। शाहिद ने इस भूमि का फर्जी बैनामा किया है। शाहिद ने 101 गज जगह सरफराज अहमद को बेची थी। सरफराज अहमद ने इसे 31 जनवरी 2019 को 842 वर्ग गज भूमि का फर्जी बैनामा हरवंश सिंह को किया है। सरफराज अहमद ने 538 गज भूमि मोहम्मद शहजाद ने खरीदनी बताई है। इन लोगों ने उसकी भूमि के आपस में फर्जी बैनामे कर धोखाधड़ी की है।