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Bijnor News: चार गाड़ियों से पहुंचे थे हमलावर, सीसीटीवी में आया नजर

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- टाटा सफारी गाड़ी की हुई पहचान, दो अन्य गाड़ियों की शिनाख्त होना बाकी
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- वांछितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें दे रही हैं दबिश
- वारदात में इस्तेमाल किया गया शस्त्र दुकान पर जमा हुआ लाइसेंसी रिवॉल्वर
-विधायक अशोक राणा और उनके बेटे प्रियंकर राणा के खिलाफ दर्ज हुआ था केस

संवाद न्यूज एजेंसी



बिजनौर। सड़क निर्माण करने वाली कंपनी के मिक्सर प्लांट पर आगजनी और फायरिंग करने के लिए हमलावर चार गाड़ियों में भरकर पहुंचे थे, यह तस्वीर सीसीटीवी फुटेज ने साफ कर दी है। स्कॉर्पियों को पुलिस बरामद कर चुकी है जबकि पहचानी गई टाटा सफारी को तलाश किया जा रहा है। दो अन्य गाड़ियों की शिनाख्त होना बाकी है। तेज रफ्तार में दौड़ रही टाटा सफारी का नंबर बाकायदा ग्रामीणों ने नोट कर लिया था। वहीं, पुलिस भाजपा विधायक के पुत्र प्रियंकर राणा और हमलावरों के बीच हुए संपर्क की जांच में जुटी है।
शनिवार को शिवालाकलां पुलिस ने वांछितों की तलाश में राजा का ताजपुर, मोरना, लांबाखेड़ा, मुस्सेपुर, नरावली आदि गांव में दबिश दी। मगर, आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाए। बताया जा रहा है कि आरोपी भूमिगत हो गए हैं, जिनमें कई के फोन भी बंद हो गए हैं। बता दें कि बता दें कि नूरपुर से स्योहारा तक सड़क के चौड़ीकरण का ठेका जीएस इंफ्राटेक प्रा. लिमिटेड को मिला है। जिसका मिक्सिंग प्लांट शिवालाकलां क्षेत्र के बेलावाला में लगा है। आरोप है कि सोमवार की रात करीब दो बजे 15 से 20 हमलावर गाड़ियों से प्लांट पर पहुंचे, जिन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग कर प्लांट में आग लगा दी थी।
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इस मामले में कंपनी के मैनेजर की ओर से धामपुर से भाजपा विधायक अशोक राणा और उनके बेटे प्रियंकर राणा को नामजद करते हुए रंगदारी मांगने समेत अन्य संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस कांड में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि सात अन्य वांछितों के नाम प्रकाश में आए हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।


लाइसेंसी रिवॉल्वर के मालिक तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने दो लाइसेंसी रिवॉल्वर और दो पंप एक्शन गन समेत कारतूस और स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की गई थी। इनमें एक लाइसेंसी रिवॉल्वर तिसोतरा के संदीप का निकला। जिसने साल 2011 में खरीदा था और साल 2021 में बिजनौर शहर की शस्त्र की दुकान पर जमा कर दिया था। पूछताछ की गई तो दुकान पर जमा करने की रसीद दिखाई। दुकान से यह रिवॉल्वर आगजनी के हमलावरों तक कैसे पहुंचा, यह जांच की जा रही है। जल्द ही पुलिस शस्त्र की दुकान पर पहुंचकर रिकार्ड खंगालेगी। उधर दूसरे रिवॉल्वर और दोनों लाइसेंसी बंदूक किसके नाम पर हैं, यह जानकारी नहीं हो सकी है।

ट्राली और ट्रक खड़ा करके की गई थी नाकेबंदी
पुलिस सूत्रों के अनुसार आगजनी-फायरिंग के बाद हमलावर गाड़ी लेकर भागे, यह देख एक सिपाही ने तुरंत ही रतनगढ़ चौकी पर फोन कर दिया। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। तेज रफ्तार में दौड़ रही गाड़ियों को पकड़ने के लिए ग्रामीण सड़कों पर बैरियर नहीं मिले तो ट्राली और बुग्गी पुलिस ने खड़े कर दिए थे। नूरपुर हाईवे पर एक ट्रक को पुलिस ने बीचोंबीच खड़ा कर दिया था। हालांकि पुलिस एक ही गाड़ी को पकड़ सकी थी, बाकी गांव देहात के रास्तोंं से होकर फरार होने में कामयाब हो गए थे।
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मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। प्रत्येक बिन्दुओं पर जांच हो रही है। आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। एक लाइसेंसी रिवॉल्वर की पहचान हो गई है। फुटेज में चार गाड़ियां नजर आई हैं, जिन्हें ढूंढा जा रहा है। ....नीरज कुमार जादौन, एसपी बिजनौर
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