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गंगा के उफान में बही पुल की अप्रोच रोड

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गंगा के उफान में बही पुल की अप्रोच रोड
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चांदपुर (बिजनौर)/हस्तिनापुर(मेरठ)। बिजनौर के चांदपुर और मेरठ के हस्तिनापुर को जोड़ने वाले भीमकुंड गंगा घाट पर बने पुल को जोड़ने वाली सड़क शनिवार को गंगा के उफान में समा गई। इससे इस मार्ग पर यातायात बंद हो गया है। पुलिस ने दोनों ओर के वाहनों को रोकने के लिए बैरियर लगा दिए हैं।
पहाड़ पर लगातार हो रही बारिश से गंगा के जलस्तर में उफान है। बृहस्पतिवार को पानी बढ़ना शुरू हुआ था, शुक्रवार को पानी ने नारनौर (चांदपुर) के पास गंगा नदी पर बने पुल के अंतिम पिलर और अप्रोच रोड की ओर कटान करना शुरू किया। शनिवार को अंतिम पिलर पर जुड़ा करीब 20 मीटर सड़क का हिस्सा गंगा में समा गया। इसके चलते इस मार्ग पर यातायात बंद हो गया। मेरठ से अमरोहा, चांदपुर, मुरादाबाद, धामपुर और बिजनौर से दिल्ली मेरठ जाने के लिए अब लगभग 60 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर बिजनौर बैराज से होकर जाना पड़ेगा।
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सड़क धंसने से कुछ पल पहले ही गुजरी थी रोडवेज बस
चांदपुर/जलीलपुर(बिजनौर)/हस्तिनापुर (मेरठ)। गंगा नदी पर बने पुल के निकट सड़क धंसने से कुछ क्षण पहले ही रोडवेज की बस गुजरी थी, बस कुछ दूर ही पहुंची थी कि अचानक तेज आवाज के साथ सड़क पुलिस से कटकर गंगा में समा गई और एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
2007 में इस पुल का निर्माण शुरू हुआ था और डेढ़ साल पहले यह पुल बनकर तैयार हुआ। अभी पुल का उद्घाटन नहीं हुआ और उससे पहले ही चांदपुर की ओर पुल की सड़क धराशायी हो गई। कटान की सूचना पीडब्ल्यूडी और राज्य सेतु निगम को दी गई, कटान रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। इस लापरवाही के कारण यह कटान और बढ़ता चला गया और शनिवार को पुल के नजदीक सड़क के अंतिम पिलर पर जुड़ा करीब 20 मीटर सड़क का हिस्सा गंगा में समा गया।
सड़क धंसकर टूट जाने पर ग्रामीणों ने गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं। गंगा नदी पुल के निकट रहकर पूजा पाठ करने वाले पुजारी सतीश नाथ ने सरकारी अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से पुल के किनारे पर कटान की सूचना दी गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
मामले की सूचना पर पहुंचे एसडीएम अखिलेश यादव ने स्थिति का जायजा लिया और फूल के दोनों ओर आवागमन को रोकने के थाना पुलिस को निर्देश दिए। मेरठ और बिजनौर के लोनिवि अफसरों ने पुल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया।
अब तय करनी होगी 60 किलोमीटर अधिक दूरी
चांदपुर/जलीलपुर। करीब डेढ़ साल पहले ही यह पुल बनकर तैयार हुआ है। पुल को सड़क से जोड़कर ट्रैफिक चालू कर दिया गया था। इस पुल से रोजाना बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी आवागमन करते हैं। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों जिनमें महिला शिक्षक भी शामिल हैं। बैंक, ब्लाक, तहसील आदि विभागों के कर्मी रोजाना आवागमन करते हैं। अब इनको करीब 60 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी होगी।
मेरठ से चांदपुर या चांदपुर से हस्तिनापुर की तरफ जाने के लिए अब बिजनौर बैराज से निकलना पड़ेगा। पुल से आवागमन बंद होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कांवड़ यात्रा अन्य मार्ग बंद किए जाने से यूपी व उत्तराखंड रोडवेज की सैकड़ों बसें इसी पुल से होकर दिल्ली, मेरठ आदि आ जा रही थीं। बसों के साथ ही भारी संख्या में ट्रक, हल्के वाहन, कार व दो पहिया वाहन आवागमन कर रहे थे। चांदपुर व जलीलपुर में वाहनों को रास्ता बंद न होने की सूचना न होने के कारण लोग थाना चांदपुर की पांडवनगर पुलिस चौकी तक पहुंचते रहे। वहां से पुलिस वाहन चालकों को उनके गंतव्य की सही जानकारी देकर वापस करती रही।
गाइड बंध नहीं होने की वजह से गंगा ने काट दी सड़क
बिजनौर। पुल बनाने के बाद सड़क भी बनाकर तैयार कर दी गई थी, लेकिन अप्रोच रोड और सड़क की तेज बहाव से सुरक्षा करने के लिए गाइड बंध नहीं बन पाए। गाइड बंध नहीं होने की वजह से गंगा की धारा ने सड़क को काट दिया।
सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने के लिए शासन को 129 करोड़ रुपये का रिवाइज स्टीमेट भेजा गया है, जो अभी पास नहीं हुआ। अप्रोच रोड टूट जाने की खबर मिलते ही लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सारस्वत और बिजनौर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शादाब राव खान ने मौका मुआयना किया। इस पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड मेरठ ने कराया है।
अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड मेरठ शैलेंद्र सारस्वत ने बताया कि गंगा नदी में शुक्रवार को एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। पुल के पास नदी का बहाव डायवर्ट हुआ और शुक्रवार को दिन में कटान होना शुरू हो गया था। कार्रवाई शुरू हो गई है। पहले नदी के बहाव को मोड़कर काम करने के लिए जगह बनाएंगे। पुल की अप्रोच रोड पर गाइड बंध और सुरक्षात्मक कार्य नहीं हो पाए हैं। अभी कार्य पूरा नहीं है। सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने के लिए रिवाइज स्टीमेट शासन में गया हुआ है। पुल की तरफ ट्रैफिक नहीं जाने पाए इसके लिए बैरिकेडिंग करा दी है, जगह-जगह बोर्ड लगा दिए हैं।
गंगा के दूसरी ओर फंसे हजारों लोग
हस्तिनापुर। 2007 में सरकार ने आपस में कई जिलों को जोड़ने और सफर की दूरी कम करने के लिए हस्तिनापुर और चांदपुर के बीच पुल का निर्माण शुरू कराया था। करीब डेढ़ साल पहले पुल तैयार हुआ और यहां से मेरठ अमरोहा-मुरादाबाद-धामपुर आदि के लिए आवागमन सुगम हो गया। पुल टूटने से हजारों लोग गंगा के दोनों और फंस गए।
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हस्तिनापुर क्षेत्र के खेड़ी गांव और मनोहरपुर गांव के किसानों के खेत गंगा के दूसरी ओर हैं। हर रोज यहां के लोग अपने वाहन और पैदल पुल को पार कर खेतों में जाते थे, दोपहर को जैसे ही पुल की एप्रोच रोड धंसने की सूचना उन्हें मिली तो हड़कंप मच गया। लोग पुल पर आ गए, परंतु पुलिस ने बैरियर लगाकर उन्हें रोक दिया। कुछ लोग तो बिजनौर बैराज के रास्ते हस्तिनापुर आने के लिए चले गए, लेकिन सैकड़ों लोग अभी भी गंगा किनारे पर प्रशासन से कोई व्यवस्था होने का इंतजार कर रहे हैं।

चांदपुर-मेरठ के बीच गंगा नदी पर बने पुल की धराशायी अप्रोच सड़क।- फोटो : BIJNOR

चांदपुर-मेरठ के बीच गंगा नदी पर बने पुल की धराशायी अप्रोच सड़क।- फोटो : BIJNOR

चांदपुर-मेरठ के बीच गंगा नदी पर बने पुल की धराशायी अप्रोच सड़क।- फोटो : BIJNOR

चांदपुर-मेरठ के बीच गंगा नदी पर बने पुल की धराशायी अप्रोच सड़क।- फोटो : BIJNOR

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