बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम प्रकाशचंद्र शुक्ला ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म में दोषी पाते हुए फरमान उर्फ सुक्खा को 10 वर्ष के कारावास व 80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से 60 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर की धनराशि के रूप में देने के आदेश दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता योगेंद्र सिंह के अनुसार थाना कोतवाली शहर के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग लड़की से उसके गांव में राजगिरी का काम करने वाला युवक फरमान उर्फ सुक्खा अक्सर बात करता था। फरमान उर्फ सुक्खा उसकी नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया। तीन जनवरी 2018 की रात्रि मारुति में ले जाते समय उन्होंने उसे रोकने की कोशिश और उसका पीछा किया, लेकिन वह फरार हो गया। इस मामले में लड़की ने बरामदगी के बाद अपने बयान में दुष्कर्म की बात कही थी। इस मामले में कोर्ट ने फरमान उर्फ सुक्खा को नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। संवाद