बिजनौर में सहकारी समितियों के चुनाव में दस हजार किसान सदस्य वोट नहीं डाल सकेेंगे। सहकारिता विभाग बकायादारों की सूची को अंतिम रूप देने में लगा है। बकायादार को पैसा जमा करने के लिए आखिरी मौका दिया गया है। किसान अपनी समिति में संपर्क कर बकाया धनराशि जमा करके वोट डालने का अधिकार प्राप्त कर सकते हैं।
एआर सहकारिता अमित कुमार त्यागी के मुताबिक जिले की 96 सहकारी समितियों के लिए चुनाव प्रक्रिया 15 जनवरी से शुरू हो जाएगी। परिसीमन निर्धारण के बारे में किसानों की प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। जिले में सहकारी समितियों के 2,86721 किसान सदस्य हैं। सहकारिता विभाग बकायादारों की सूची तैयार करने में लगा है। इस बार करीब 10 हजार बकायादार किसान सदस्य चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे।
शासन ने बकायादारों को पैसा जमा करने का आखिरी मौका देते हुए कहा है कि जो बकायादार किसान चुनाव से 45 दिन पूर्व तक बकाया राशि जमा कर देगा उसे मतदान का अधिकार मिल जाएगा। सहकारी समितियों के संचालक मंडल का चुनाव 29 जनवरी को होगा। अगले दिन सभापति, उपसभापति का चुनाव होगा। इस प्रकार बकायादार किसान को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले बकाया जमा करना जरूरी है।
सहकारी समितियों के चुनाव में इस बार 27, 804 किसान सदस्य पहली बार वोट डालेंगे। अब तक 10 हजार रुपये से सदस्यता ग्रहण करने वाले किसान सदस्य ही चुनाव में मतदान कर सकते थे, लेकिन अब शासन ने 121 रुपये से समिति का सदस्य बनने वाले किसान को भी मतदान करने का अधिकारी दिया है। जिले में कासमपुरगढ़ी में सबसे अधिक किसान सदस्य हैं। जिले में इस प्रकार की दस बड़ी समितियां चिह्नित है। जिनमें दो-दो चुनाव अधिकारी होंगे।