बिजनौर। जनपद के शिक्षक, शिक्षिकाओं व शिक्षामित्रों ने ऑनलाइन हाजिरी के पहले दिन को काला दिवस के रूप में मनाया। सभी ने स्कूलों में हाथ की बांह पर काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन उपस्थिति का संपूर्ण विरोध किया। शिक्षक संगठनों ने ऑनलाइन हाजिरी का आदेश वापस नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन उप्र, महिला शिक्षक संघ, उप्र प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ सहित कई शिक्षक संगठनों के प्रांतीय आह्वान पर जिले के शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी का बहिष्कार किया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार चौहान, जिला मंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि ऑनलाइन हाजिरी अव्यवहारिक है। शासन को इसका आदेश तुरंत वापस लेना चाहिए।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार यादव व जिला महामंत्री राहुल राठी ने कहा कि शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी का संपूर्ण बहिष्कार किया है। अटेवा के जिलाध्यक्ष उमेश राजपूत ने बताया कि अटेवा ने शिक्षकों के आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया है। आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष सौरभ चौधरी ने समर्थन दिया। प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के पउप्र प्रभारी सुचित मलिक ने कहा कि सरकार पहले समस्याओं का समाधान करें, फिर ऑनलाइन का प्रावधान लाएं।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने ऑनलाइन हाजिरी का विरोध किया। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में सभी शिक्षक संगठन एकजुट हैं।
अटेवा के प्रांतीय उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह के नेतृत्व में आरजेपी इंटर कॉलेज के शिक्षकों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन हजिरी का विरोध किया। बाद में कलक्ट्रेट पहुंचकर संगठनों की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीएम के माध्यम से प्रेषित किया।