बिजनौर। जिले में सभी हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर एकीकृत निक्षय दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में टीबी के साथ-साथ फाइलेरिया, मलेरिया, कालाजार, चिकनगुनिया और कुष्ठ के मरीज की भी जांच की गई। ओपीडी में आने वाले 10 फीसदी मरीजों की बलगम की जांच की गई।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बीएस रावत ने बताया कि शासन के निर्देश पर सभी हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, शहरी क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालय में एकीकृत निक्षय दिवस मनाया गया। इन सेंटरों पर कुष्ठ व फाइलेरिया, मलेरिया, कालाजार, चिकनगुनिया के रोगियों को चिन्हित कर उन्हें उपचार, परामर्श व आवश्यक दवाएं दी गई। एकीकृत निक्षय दिवस से पहले समुदाय को जागरूक किया गया। जिससे वह स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर इन बीमारियों से बचाव व उपचार का लाभ ले सकें। सीएचओ ने मरीजों की प्रारंभिक जांच एचआईवी, डायबिटीज की। मरीजों की निक्षय पोर्टल पर आईडी बनाकर नजदीकी टीबी जांच केंद्र पर भेजा जा रहा है। डॉ. बीएस रावत ने बताया कि क्षय रोगियों को इलाज के दौरान हर माह 500 रुपये पोषण भत्ता भी मिलता है।