संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पारुल जैन ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का दोषी पाते हुए तांत्रिक मतलूब उर्फ बुंदू को 10 वर्ष के कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से 15 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को 50 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने की संस्तुति की है।
शासकीय अधिवक्ता भालेंद्र सिंह राठौर के अनुसार थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री काफी समय से बीमार चल रही थी। उसका इलाज तांत्रिक मतलूब उर्फ बुंदू से चल रहा था। 11 दिसंबर 2016 को वह अपने परिवार के साथ खेत पर कार्य करने के लिए गया था। घर पर उसकी पुत्री अकेली थी। तांत्रिक मतलूब अपने अन्य साथियों के साथ उसकी गैर मौजूदगी में उसके घर आया। उसकी नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाकर ले गया।
लड़की ने बरामद होने के बाद बताया था कि उसके साथ दुष्कर्म भी किया गया। इस प्रकरण में पुलिस ने तांत्रिक मतलूब के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी। बाद में कोर्ट ने इस मामले में तीन अन्य आरोपियों नजाकत उर्फ कलवा, शाहनवाज, ताहिर को धारा 319 सीआरपीसी के तहत सुनवाई के लिए तलब किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर मतलूब उर्फ बुंदू को नाबालिग के अपहरण व उसके साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाया। उसे 10 साल की सजा सुनाई। नजाकत, शाहनवाज, ताहिर को जुर्म सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया।