धामपुर (बिजनौर)। आलू की बंपर पैदावार होने से इतनी बेकद्री होगी, किसानों ने कभी सोचा भी नहीं था। हरियाणा के कई जिलों के किसान बिजनौर और धामपुर नगर और गांवों में ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में आलू लादकर लाउडस्पीकर से आवाज लगा रहे हैं। ले जाओ जी, ले जाओ, 40 किलो आलू का कट्टा 200 रुपये में ले जाओ। इन किसानों का कहना है कि मुनाफा तो दूर लागत वापस आना भी मुश्किल हो रहा है।
हरियाणा के जिला कैथल और कुरुक्षेत्र के किसान लेखराज सिंह, विकास, होशियार सिंह, सत्यवीर सिंह, रामसिंह राम ने बताया कि हरियाणा के किसानों ने आलू की फसल को नकदी फसल के रूप में पैदा किया था। इस बार आलू की बंपर पैदावार हुई। हरियाणा को कोई शीतगृह खाली नहीं रहा। मंडी में आलू के सही दाम नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों खुद ही आसपास के राज्यों में आलू बेचना पड़ रहा है।
शीला टॉकीज, विकासखंड कार्यालय के बाहर, गन्ना समिति, आरएसएम तिराहा, जैतरा शुगर मिल तिराहा आदि स्थानों पर हरियाणा के किसानों को आलू की बोरियां बेचते देखा जा सकता है। इन किसानों ने बताया कि वह हरियाणा से ट्रकों, ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में आलू लादकर यहां ला रहे हैं। एक ट्राॅली में 150 से 200 बोरियां आती हैं। वह इन सभी बोरियों को शाम तक आवाज लगा कर बेच देते हैं।
स्योहारा, नौगांवा, ठाकुरद्वारा में भी बेचेंगे आलू
किसान लेखराज सिंह का कहना है कि 10 दिन पहले उन्होंने बिजनौर, नहटौर, नजीबाबाद, किरतपुर, चांदपुर आदि स्थानों पर भी आलू को इसी प्रकार से बेचा। आलू की 40 किलो की बोरी को 200 रुपये में लेने के बजाय 150 रुपये में लेने की मांग करने लगते हैं तो वह उस क्षेत्र को छोड़ कर अगले शहर में चले जाते हैं। अब धामपुर के बाद स्योहारा, नौगांवा, ठाकुरद्वारा आदि इलाके में आलू बेचने निकलेंगे। क्योंकि यहां बेचते हुए कई दिन हो गए हैं। राम सिंह राम ने बताया कि इस बार आलू की पैदावार प्रति बीघा 80 से 100 क्विंटल हुई है।