अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। जिले में स्वास्थ्य विभाग मोतियाबिंद के मरीजों का सर्वे करा रहा है। मरीजों का डाटा एकत्र करने के बाद शासन को भेजा जाएगा। इसके लिए आशाएं गांव में घूमकर 50 साल से ऊपर वाले लोगों का नेत्र परीक्षण करेंगी। इसके बाद उनकी जांच नजदीकी सीएचसी, पीएचसी पर कराई जाएगी।
शासन की ओर से नवज्योति नेत्र अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत मोतियाबिंद के मरीजों का डाटा एकत्र किया जा रहा है। यह अभियान चलाकर शासन स्तर से मोतियाबिंद के मरीजों को जल्द इलाज पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आशाएं गांव में घूमकर 50 साल से ऊपर के लोगों को तीन मीटर दूर खड़ा करके अंगुली दिखाएंगी। अगर व्यक्ति उंगलियों की संख्या सही से नहीं बता पाता है, तो उसका नाम लिस्ट में लिखा जाएगा। जिसके बाद उस व्यक्ति की जांच नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर कराई जाएगी। इसके बाद सभी ब्लॉक डाटा एकत्र करके जिला मुख्यालय भेजेंगे, जहां से जिले में मोतियाबिंद के मरीजों की सूची शासन को जाएगी। इसके लिए सीएचसी, पीएचसी प्रभारियों, आशाओं को इसके लिए निर्देश दे दिए हैं।
ऑपरेशन से एक सप्ताह पहले आशा को मिलेगी मरीजों की सूची
मिली जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन से एक सप्ताह पहले जिला मुख्यालय से मरीजों की सूची संबंधित आशा को भेज दी जाएगी। जिसमें मरीज के नाम के साथ-साथ उस जगह का नाम लिखा होगा, जहां मरीज को मोतियाबिंद का ऑपरेशन होगा। जिसके चलते आशाओं ने मोतियाबिंद के मरीजों का डाटा एकत्र करने का काम शुरू कर दिया है।
तीन से ज्यादा अस्पतालों को बनाया जाएगा सेंटर
जिले में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए तीन सरकारी अस्पतालों को सेंटर बनाया गया है। जिला अस्पताल, नजीबाबाद सीएचसी और स्योहारा सीएचसी पर मोतियाबिंद के ऑपरेशन होंगे। साथ ही दो प्राइवेट अस्पताल को भी अभियान के तहत मोतियाबिंद के ऑपरेशन करने के लिए अनुमति दी जाएगी। वहीं अगर कोई एनजीओ भी इस अभियान के तहत काम करना चाहता है तो उस एनजीओ को भी अनुमति मिलेगी। इन अस्पतालों में मरीजों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा।
शासन की ओर से जिले में मोतियाबिंद के मरीजों का डाटा एकत्र करने के निर्देश दिए गए है। जिसके चलते डाटा एकत्र किया जा रहा है। इसके बाद मरीजों को चिन्ह्ति अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन होगा।.....डॉ. राजेंद्र विश्वकर्मा, डिप्टी सीएमओ