बिजनौर। जिले के जलीलपुर ब्लॉक प्रमुख के पुत्र और बिजनौर लोकसभा से प्रत्याशी रहे विजेंद्र सिंह समर्थक आपस में भिड़ गए। ओवरटेक को लेकर हुआ विवाद सीओ ऑफिस तक जा पहुंचा। समर्थकों ने वहां भी आपस में मारपीट की। इसके बाद थाना परिसर में भी मारपीट हुई। हालांकि पुलिस ने किसी ओर से तहरीर न मिलने की बात कहते हुए चुप्पी साध ली। वहीं दोनों पक्षों के बीच बाद में समझौता हो गया।
हाल ही के लोकसभा चुनाव में बसपा से उम्मीदवार रहे विजेंद्र सिंह का काफिला बुधवार को बिजनौर की ओर आ रहा था। बताया गया कि इसी बीच जलीलपुर ब्लॉक प्रमुख कुंतेश देवी के बेटे कपिल कुमार भी अपने काफिले के साथ बिजनौर की तरफ आ रहे थे। बिजनौर बैराज से पहले ओवरटेक करने को लेकर दोनों ही नेताओं के काफिले में नोकझोंक हो गई।
बिजनौर बैराज से लेकर बिजनौर शहर तक दोनों ही नेताओं के काफिले की गाड़ियां एक दूसरे के आगे पीछे दौड़ती रहीं। दोनों पक्ष के लोग पहले सीओ ऑफिस, फिर थाने पहुंचे। बताया जा रहा है कि वहां पर दोनों पक्ष के समर्थकों के बीच मारपीट भी हुई।
हालांकि इसके बाद ब्लॉक प्रमुख के बेटे और पूर्व प्रत्याशी में समझौता हो गया और दोनों एक दूसरे के गले मिलते हुए गिला शिकवा दूर कर अपनी-अपनी मंजिल की ओर चले गए।
सीओ सिटी संग्राम सिंह ने बताया कि उन्हें किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। कुछ लोगों के बीच कहासुनी होने की जानकारी लगी थी।
- मैं मुजफ्फरनगर की ओर से आ रहा था। बैराज पर जाम लगा हुआ था। गाड़ी से उतरकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। एक गाड़ी को एक ओर करने के लिए कहा तो वे गाली देने लगे और गाड़ी में टक्कर मार दी। दोनों पक्ष थाने पहुंच गए थे। कुछ कहासुनी हुई थी। कुछ गणमान्य लोगों ने समझौता करा दिया। - कपिल कुमार, ब्लॉक प्रमुख पुत्र
- हमारे लोगों के साथ मारपीट की गई थी। बाद में कुछ लोगों के कहने पर समझौता कर लिया गया। लेकिन जो हुआ गलत है। कोई तहरीर नहीं दी गई। - विजेंद्र सिंह