- बिजनौर के टॉप-10 अपराधियों में शामिल है सुमित गुर्जर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट अवधेश कुमार ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी सुमित गुर्जर की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। सुमित गुर्जर बिजनौर के टॉप-10 अपराधियों में से एक है।
शासकीय अधिवक्ता शलभ शर्मा के अनुसार थाना स्योहारा की एक युवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 14 मार्च 2018 को शाम को मोरना से पेपर देकर अपने घर आ रही थी। नूरपुर बस स्टैंड पर अर्जुन व मोहित बाइक पर आए और कहा कि तुझे घर छोड़ देंगे, बाइक पर बैठ जा। वह विश्वास करके उनकी बाइक पर बैठ गई। जंगल में जाकर इन लोगों ने बाइक रोकी और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में अर्जुन अनिल, चरन व सुमित गुर्जर के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। जमानत की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से सुमित गुर्जर का आपराधिक इतिहास भी दाखिल किया गया। अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सुमित की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।