-सर्वाधिक बुवाई वाली 0238 गन्ना प्रजाति बीमारी की चपेट में, गिरा उत्पादन
-जनपद में 14201, 13235, 0118, 98014, 8272 आदि प्रजातियों को बढ़ावा
-2 लाख 63 हजार 883 हेक्टेयर क्षेत्रफल गन्ना रकबा
-1 लाख 27 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बीज परिवर्तन का लक्ष्य
-9 समितियों के क्षेत्रों में किया जा रहा उन्नत प्रजातियों का बीज रिजर्व
बृजवीर चौधरी
बिजनौर। जनपद में 0238 गन्ना प्रजाति बीमार होने की वजह से बीज परिवर्तन का दौर चल रहा है। इसके लिए गन्ना विभाग किसानों को कई नई उन्नत प्रजातियों का बीज उपलब्ध करा रहा है। विभाग ने एक लाख 27 हजार हेक्टेयर क्षेत्र मेेंं बीज परिवर्तन का लक्ष्य रखा है। इसके लिए शोध केंद्र के साथ जनपद में किसानों के अन्य उन्नत बीज के खेतों को सुरक्षित किया जा रहा है। आसपास के किसानों को बीज वाले किसानों से संपर्क कराया जा रहा है।
जनपद में दो लाख 63 हजार 883 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल है। इसमें से एक लाख 27 हजार के करीब पेड़ी है। जनपद में अधिकांश किसान गन्ना में पौधा, पेड़ी की फसल लेते हैं। एक दशक पहले तक जनपद के काफी किसान गन्ने की बार बुवाई करके तीन बार तक काटते थे। अब अधिकांश किसान दो बार ही गन्ना फसल लेते हैं। इस बार जनपद में अधिकांश 0238 गन्ना प्रजाति बीमारी की चपेट में है। अधिकांश क्षेत्रफल में इस प्रजाति का ही गन्ना है। इस कारण उत्पादन पर बड़ा असर है। किसानों को आर्थिक हानि हुई है। शासन, गन्ना विभाग जनपद में नई उन्नत बीजों का क्षेत्रफल बढ़ाने में जुट गया है। गन्ना विभाग गोष्ठी, बैठकों के माध्यम से किसानों को गन्ना बीज परिवर्तन करने के लिए प्रेरित कर रहा है। (संवाद)
शोध केंद्रों से मंगवाया जा रहा उन्नत प्रजातियों का बीज
गन्ना अधिकारी के अनुसार किसानों की मांग पर गन्ना शोध केंद्रों से उन्नत प्रजातियों का बीज मंगवाया जा रहा है। किसान अपने क्षेत्र के गन्ना पर्यवेक्षक व समिति या एससीडीआई कार्यालय मेंं मांग के अनुसार बीज लिखवा दें।
गन्ना समूह तैयार कर रहे उन्नत प्रजाति गन्ने की बीज की पौध
जेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक के अनुसार जनपद में संचालित महिला समूहों द्वारा उपचार करके गन्ना पौध तैयार की जा रही है। इन की तैयार पौध को किसानों को बेची जाएंगी। तैयार पौधों पर विभाग की ओर से भी अनुदान दिया जाएगा।
खेतों में खड़ी नई प्रजाति को किया रिजर्व
शोध केंद्रों के अलावा जनपद में उत्पादित नई उन्नत प्रजाति के बीज को किया जा रहा है। नई एवं उन्नत गन्ना प्रजाति 14201, 13235, 0118, 98014, 8272 आदि को खेत में रिजर्व किया जा रहा है। - पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी बिजनौर