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Bijnor News: पेड़ी प्रबंधन से बढ़ाया जाएगा गन्ना उत्पादन

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- गोष्ठी और बैठकों में किसानों को सिखा रहे पेड़ी प्रबंधन
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- रैटून प्रबंधन उपकरण किराए पर उपलब्ध कराए जा रहे

-09 गन्ना समितियों पर खरीदे जा रहे आरएमडी
-01 लाख 27 हजार क्षेत्रफल पेड़ी का होगा प्रबंधन

ब्रजवीर चौधरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर । कम लागत और अधिक उत्पादन पाने के लिए गन्ना विभाग किसानों को पेड़ी प्रबंधन सिखाएगा। इसमें चीनी मिलों का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए गांवों में गोष्ठी, बैठकों के माध्यम तथा क्रय केंद्रों पर किसानों को पेड़ी प्रबंधन के बारे में सिखाया जाएगा। यहीं नहीं हर गन्ना समितियों पर रैटून प्रबंधन उपकरण (आरएमडी) किसानों को न्यूनतम किराये पर उपलब्ध कराएं जा रहे हैं।

गन्ना विभाग पारंपरिक खेती विधि में तकनीकी उपकरणों का प्रयोग बढ़ाकर किसानों की आय बढ़ाने का काम कर रहा है। गन्ना विभाग ने जिले में एक लाख 27 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में पेड़ी का प्रबंधन कराने लक्ष्य रखा है। किसानों के खेतों में रैटून प्रबंधन उपकरण ले जाकर उसका प्रयोग करने का प्रदर्शन कर रहे हैं। ताकि किसान खेत में उसके प्रयोग को देखकर प्रेरित होकर उसका प्रयोग करें। गन्ना कटाई सही न होने से अंकुरित पर्याप्त मात्रा में नहीं होता है। अब जिले की सभी नौ गन्ना समितियों पर रैटून प्रबंधन उपकरण खरीदे जा रहे। जो न्यूनतम किराए उपलब्ध कराएंगे। बिजनौर, चांदपुर आदि गन्ना समितियों ने इसे खरीद लिये हैं।
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निलाई-गुड़ाई का खर्च कम
जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि पौधा कटाई के बाद पेड़ी होती है। पेड़ी पत्ती, खरपतवार व कटाई सही नहीं होने उत्पादन पर असर आता है। किसान निलाई गुड़ाई कराने में अधिक खर्च होता है। अब रैटून प्रबंधन उपकरण पेड़ी प्रबंधन करेगा। इसके प्रयोग से मजदूरी खर्च कम होगा और उत्पादन ज्यादा होंगे।

उर्वरक का भी हो रहा प्रयोग
जयेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अविनाश तिवारी ने बताया कि इस यंत्र से गन्ना कटाई के साथ निलाई गुड़ाई के साथ उर्वरकों का गन्ने में डाल देते हैं। वरना हल चलाने के बाद दोबारा किसानों को खाद डालना होता है। ये समय और खर्च दोनों बचा रहा है।
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किसानों को किया जा रहा प्रेरित
पेड़ी प्रबंधन के बारे किसानों को बताया जा रहा है। साथ ही रैटून प्रबंधन उपकर का खेतों में लेकर उसका प्रयोग का प्रदर्शन किया जा रहा है। पौधे की तर्ज पर पेड़ी उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। -पीएन सिंह, डीसीओ
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