बिजनौर, नगीना। सहकारी गन्ना विकास समिति व बैंक की लापरवाही के चलते मिल द्वारा जारी गन्ना मूल्य भुगतान चार दिन बाद भी कुछ गन्ना किसानों के बैंक खातों में नहीं पहुंचने पर किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
द्वारिकेश चीनी मिल बूंदकी 18 दिसंबर 2023 तक खरीदे गन्ने का मूल्य भुगतान 26 दिसंबर को बैंक चेक के माध्यम से सहकारी गन्ना विकास समिति नगीना को भेज चुकी है। मिल से प्राप्त गन्ना मूल्य भुगतान के बैंक चेक गन्ना विकास समिति संबंधित कृषकों की गन्ना खरीद एडवाइस के साथ समिति के बैंक खाते में जमा कर देती है और संबंधित बैंक समिति से प्राप्त एडवाइस में वर्णित संबंधित गन्ना किसानों के बैंक खातों में गन्ना मूल्य की धनराशि स्थानांतरित करता है।
समिति के गन्ना कृषक मनोज कुमार, नदीम अहमद, राजपाल सिंह, अरशद, महेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, मोहम्मद वाजिद, विजयपाल सिंह, साजिद व भूपेंद्र सिंह आदि गन्ना कृषकों ने गन्ना मूल्य भुगतान की धनराशि अतिशीघ्र किसानों के बैंक खातों में भेजने की मांग की है।
इस संबंध में गन्ना समिति सचिव विजयपाल का कहना है कि समिति को गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त होते ही संबंधित किसानों के बैंक खातों में धनराशि स्थानांतरित करने के लिए समिति से एडवाइस बनाकर बैंक को भेज दी जाती है। गन्ना किसानों के खातों में धनराशि पहुंचने में विलंब होने पर समिति नहीं बल्कि बैंक जिम्मेदार है।