धामपुर । गन्ने की फसल में फैली लाल सड़न बीमारी किसानों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है । चीनी मिल की ओर से बीमारी के खात्मे के लिए ग्रामवार खेतों का निरीक्षण किया जा रहा है। मिल क्षेत्र में कुल दो लाख प्लाटों में गन्ने की फसल है। 80 हजार प्लाटों का निरीक्षण किया जा चुका है, जिनमें 2800 प्लाटों में खड़ी गन्ने की फसल रोगिल पाई गई है।
धामपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक ओमवीर सिंह का कहना है कि बरसात के दिनों में गन्ने की फसल में लाल सड़न बीमारी तेजी से फैलती है। बीमारी को खत्म करने के लिए चीनी मिल की ओर से गन्ना प्लाटों का निरीक्षण किया जा रहा है। जो भी पौधा बीमारी से ग्रसित है, उसे उखाड़ कर खेतों से बाहर फेंका जा रहा है । ऐसे पौधों की जड़ में ब्लीचिंग पाउडर डाल फफूंदी नाशक दवा का स्प्रे किया जा रहा है। अधिकारियों का मुख्य मकसद है कि किसी भी प्रकार से गन्ने की फसल में तेजी से फैल रही लाल सड़न बीमारी खत्म हो और पैदावार बढ़िया हो ।
लापरवाही न बरतें किसान, फसल का रखें ध्यान
चीनी मिल के अधिकारियों ने कहना है कि किसान लापरवाही ना बरतें। फसल का निरीक्षण करते रहें। कोई भी पौधा रोगिल है तो तत्काल उसे खेत से बाहर निकाल कर ब्लीचिंग पाउडर डालें। फफूंदी नाशक दवाई का फसल में स्प्रे जरूर करें। चीनी मिल की ओर से किसानों को 50 प्रतिशत के अनुदान पर दवाई उपलब्ध कराई जा रही है ।