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परिषदीय स्कूलों में शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले विद्यार्थी होंगे सम्मानित

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परिषदीय स्कूलों में शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले विद्यार्थी होंगे सम्मानित
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सतीश शर्मा
धामपुर। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में निरंतर गिरावट को दूर करने, शिक्षकों और बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने योजना बनाई है। जिसके तहत महीने वार शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले छात्र-छात्राओं को स्टूडेंट ऑफ द मंथ और संबंधित क्लास के शिक्षक को टीचर ऑफ द मंथ अवार्ड से नवाजा जाएगा।
जिन स्कूूलों में बच्चों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम है, वहां के स्कूलों के शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन सिंह यादव ने बताया कि देखने में आ रहा है कि सभी कोशिशों के बाद भी पंजीकृत बच्चों की उपस्थिति में निरंतर गिरावट आती जा रही है। नई योजना के तहत शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले छात्र-छात्राओं को ब्लॉक स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। शत प्रतिशत उपस्थिति वाली क्लास के शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा। बीएसए ने बताया कि जिले में कुल 2119 प्राइमरी, जूनियर हाईस्कूल हैं। इन स्कूलों में करीब दो लाख 40 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। सरकार की ओर से बच्चों को पढ़ने के लिए न केवल निशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जा रही हैं, बल्कि बैग, जूते, मोजे खरीदने के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये भी अभिभावकों के खातों में भेजे जा रहे हैं। इसके बाद भी परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बेहद कम है।
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तीन श्रेणी में बांटे जाएंगे जिले के स्कूल
बीएसए का कहना है कि बच्चों की उपस्थिति को शत प्रतिशत कराने के लिए ब्लॉक के स्कूलों को तीन श्रेणी ग्रीन, येलो और रेड में बांटा गया है। ऐसे स्कूल जिनमें बच्चों की उपस्थिति 70 प्रतिशत से ऊपर है, उन्हें ग्रीन श्रेणी में रखा गया है। 50 से 70 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति वाले स्कूलों को येलो और 50 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले स्कूलों को रेड श्रेणी में शामिल किया गया है। जहां 50 प्रतिशत से कम बच्चे आ रहे हैं। उन स्कूलों को शिक्षकों को निर्देशित किया है कि वे बच्चों की उपस्थिति को बढ़ाने के लिए संबंधित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से संपर्क करेंगे।
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कैसे कम हुई बच्चों की संख्या, प्रधानाध्यापक देंगे जवाब
बीएसए का कहना है कि ऐसे स्कूलों की जांच कराई जा रही है जिन स्कूलों में मई माह में स्कूल चलो अभियान में बच्चों के पंजीकरण की संख्या अधिक थी। जून, जुलाई माह में सत्र चालू होने के बाद अप्रत्याशित ढंग से कैसे कम हो गई है। ऐसे स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा।
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