- जिले के 20 परिषदीय विद्यालयों में बनाई गई एस्ट्रोनॉमी लैब
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जनपद के 20 परिषदीय विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब की स्थापना हो गई। इन एस्ट्रोनॉमी लैबों में ग्रह-नक्षत्रों के अवलोकन के लिए छह इंच रिफ्लेक्टर टेलिस्कोप (खगोलदर्शी) भी उपलब्ध हैं। खगोलदर्शी से छात्र-छात्राएं ग्रह-नक्षत्रों का अवलोकन कर रहे हैं।
कंपोजिट परिषदीय विद्यालय जैतरा अल्हैपुर, हिदायतपुर, फजलाबाद परमांद, रसलूपुर आबाद, भवानीपुर, चकराजमल सहित जनपद के 20 विद्यालयों में सीडीओ पूर्ण बोरा के प्रयास से एस्ट्रोनॉमी लैब बनाई गई है। इस लैब में ऑप्टिक्स, न्यूटन्स लॉ, एनर्जी कंजर्वेशन, ह्यूमन आई, हार्ट, ह्यूमन डाइजेस्टिव सिस्टम, सोलर सिस्टम आदि के वर्किंग मॉडल्स भी उपलब्ध हैं। दिन में सूर्य की सतह पर स्थित ब्लैक स्पॉट तथा रात्रि में चंद्रमा के सतह पर स्थित क्रेटर, पहाड़ आदि भी स्पष्ट दिखाई पड़ते हैं। लैब से छात्रों में अंतरिक्ष एवं खगोलीय घटनाओं के प्रति रुचि उत्पन्न होगी। ब्लॉक अल्हैपुर के एआरपी अंकित राणा, एआरपी हिमांशु रजावत का कहना है कि स्कूल में ऐसी लैब से पढ़ाई का वातावरण में बदलाव आ रहा है।
ग्रामीणों ने नजदीक से देखा चांद
प्राथमिक विद्यालय जैतरा में खगोलदर्शी के माध्यम से शिक्षक-शिक्षिकाओं ने छात्रों के साथ ग्रामीणों को चांद दिखाया। उन्होंने चांद की सतह के पहाड़ एवं गड्ढे भी स्पष्ट देखे। एआरपी नवनीत कुमार ने छात्रों एवं ग्रामवासियों को लैब का भ्रमण करवाया तथा खगोलीय घटनाओं के बारे में जानकारी दी। इनमें स्वाति राणा, अन्वय राणा, सद्दाम आलम, रामधन, अखिलेश देवी, पवन देवी, नीरज कुमार, मोनिका सिंह आदि शामिल रहे।
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इस लैब से छात्रों में अंतरिक्ष एवं खगोलीय घटनाओं के प्रति रुचि उत्पन्न होगी। छात्र भविष्य में भारत को अंतरिक्ष में क्षेत्र में ख्याति प्राप्त करवाएंगे - डॉ. आकाश अग्रवाल, एसआरजी
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परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर उठ रहा है। विद्यालयों में विज्ञान लैब, कंप्यूटर लैब के साथ ही बीस विद्यालयों में सीडीओ की प्रेरणा से एस्ट्रोनॉमी लैब की गई। अन्य विद्यालयों में बनाने की योजना बनाई जा रही है - जयकरण यादव, बीएसए