जलालाबाद फ्लाईओवर पर जीना निर्माण के लिए छोड़ा गया स्थान।
नजीबाबाद। जलालाबाद और गढ़मलपुर फ्लाईओवर पर आवागमन शुरू होने के वर्षों बाद भी फ्लाईओवर पर जीना निर्माण नहीं हुआ। क्षेत्रवासियों को जोखिम उठाकर रेलवे लाइन पार करना पड़ रहा है। आरटीआई कार्यकर्ता ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मानवाधिकार आयोग को इस संबंध के शिकायत पत्र भेजा है।
जलालाबाद में फ्लाईओवर का निर्माण वर्ष 2012 में पूरा हुआ था। मार्च 2012 के प्रथम सप्ताह में फ्लाईओवर से आवागमन शुरू हो गया था रेलवे क्रॉसिंग संख्या 484 पर बने इस फ्लाईओवर पर 12 वर्ष के बाद भी सीढि़यों का निर्माण नहीं कराया गया। फ्लाईओवर के आसपास राहुखेड़ी, राजा रामपुर, जलालाबाद की आबादी रहती है। रेलवे क्रॉसिंग के आसपास रहने वाले क्षेत्रवासियों को करीब 500 मीटर का फासला तय कर फ्लाईओवर से आवागमन करना पड़ता है।
उधर, गढ़मलपुर में रेलवे क्रॉसिंग संख्या 480 पर करोड़ों की लागत से फ्लाईओवर बनाया गया, लेकिन संबंधित विभाग ने फ्लाईओवर पर सीढि़यां नहीं बनाईं। जिससे पैदल ग्रामीणों को भी फ्लाईओवर से होकर आवाजाही करनी पड़ती है।
आदर्शनगर निवासी मनोज शर्मा ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी है, जिसमें जीना निर्माण कराने सहित संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल है।
- कारण बताओ नोटिस तक सिमट गई थी कार्रवाई
आरटीआई कार्यकर्ता ने इससे पूर्व उत्तर प्रदेश सेतु निगम के अधिकारियों से शिकायत की थी। उस दौरान सेतु निगम के महाप्रबंधक (वाद-परिवाद) जयकिशोर ने सीढि़यों का निर्माण नहीं कराने के संबंध में तत्कालीन परियोजना निदेशक डीके गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उसके बाद मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।