विश्व बाइपोलर दिवस पर विशेष -
- जिला अस्पताल में बाइपोलर विकार के हर महीने पहुंच रहे पांच मरीज
- इजाज में लापरवाही से बढ़ रही वाइपोलर की समस्या
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विश्व बाइपोलर दिवस 30 मार्च को मनाया जा रहा है। यह एक मनोविकार है। व्यक्ति का ज्यादा खुश रहना और उदास रहना भी बाइपोलर विकार के लक्षण है। जिला अस्पताल में इस विकार के हर महीने पांच मरीज तक पहुंच रहे हैं। मनोचिकित्सक बाइपोलर विकार के बढ़ने में इलाज में लापरवाही बरतना प्रथम कारण मान रहे हैं।
बाइपोलर एक मानसिक बीमारी है। यह विकार होने से व्यक्ति का मिजाज स्थिर नहीं रहता है। बाइपोलर के उदासीनता और तेजी दो हिस्से हैं। जिनके होने से व्यक्ति कभी उदास तो कभी ज्यादा खुश रहता है। वाइपोलर से ग्रसित व्यक्ति औसतन छह माह उदासीनता के दौर से गुजरता है। जबकि तेजी का दौर मरीज को औसतन तीन महीने तक रहता है। यह अनुवाशिंक और आसपास के माहौल की वजह से भी हो सकता है। उदासीनता के दौर में व्यक्ति को आत्महत्या करने का विचार सबसे अधिक आता है। मानसिक बीमारियों से ग्रसित लोगों में आत्महत्या करने की समस्या ज्यादा बढ़ रही है।
केस नंबर एक
बिजनौर के गांव निवासी 20 वर्षीय युवती बाइपोलर विकास से ग्रसित है। वह इस समय तेजी दौर से गुजर रही है। उसके शरीर में इतनी ताकत दिखाई पड़ती है कि मानों में वह सबकुछ मिनटों में कर लेगी। इस समय वह गायक बनाना चाहती है। परिवार वालो से मुबंई जाने की जिद करती है। पैसे नहीं देने पर उनसे लड़ रही है। उसे अपने आप पर इतना आत्मविश्वास है कि वह बॉलीवुड के सभी गायकों को गाने गाकर पीछे छोड़ देगी।
केस नंबर दो
बिजनौर निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति पिछले 12 वर्षों से बाइपोलर विकार से ग्रसित है। इस समय उसका उदासीनता दौर का तीसरा चरण चल रहा है। उसने पिछले तीन महीनों से काम छोड़ दिया है। दुकान चलाता है, दुकान भी बंद कर दी है। बात-बात पर रोने लगता है। परिवार और आसपास के लोगों से बातचीत बंद कर दी है। उसे पिछले दो सप्ताह से आत्महत्या करने के विचार आ रहे हैं।
बाइपोलर में उदासीनता दौर के लक्षण-
-मन का उदास होना
-बार-बार रोना आना
-काम में मन नहीं लगना
-शरीर में हर वक्त थकान रहना
-आत्महत्या के विचार आना
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बाइपोलर में तेजी दौर के लक्षण-
-बिना वजह के आवश्यकता से अधिक खुश रहना
-चिड़चिड़ापन, गुस्सा होना
-बड़ी-बड़ी बाते करना
-ज्यादा बोलना, ज्यादा खर्चा करना
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बाइपोलर विकार से ऐसे करें बचाव-
-तनाव मुक्त रहें
-अच्छी नींद लें
-नींद और मन की उदासी या तेजी में चिकित्सक से परामर्श लें
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वर्जन::
बाइपोलर विकार होने से व्यक्ति उदास और ज्यादा खुश रहता है। यह अति गंभीर बीमारी है। इस विकार का दो साल से लेकर जिंदगी भर तक इलाज चलता है। हर 150 लोगों में से एक व्यक्ति बाइपोलर विकार से ग्रसित है। जिला अस्पताल में भी इसके मरीज पहुंच रहे है। कुछ भी परेशानी होने पर मरीजों को तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए - डॉ. नितिन कुमार, मनोरोग चिकित्सक, जिला अस्पताल