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Bijnor News: शादीपुर के खास परिवार, जहां है बहनों का प्यार, देवरानी-जेठानी की तकरार

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बिजनौर के ग्राम शादीपुर के पति पत्नी अरूण गुप्ता व आरती। (अनोखा गांव खबर के साथ)
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- करीब 30 जोड़े सगे भाइयों की पत्नियां भी हैं आपस में सगी बहनें
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अनुराधा सिंह
बरूकी (बिजनौर)। गांव शादीपुर न केवल नाम से बल्कि शादियों को लेकर भी खास है। यहां 50 से ज्यादा सगे भाइयों के जोड़े ऐसे हैं, जिनकी पत्नियां भी आपस में सगी बहनें हैं। यहां एक तरफ जहां बहनों का प्रेम नजर आता है तो दूसरी तरह देवरानी-जेठानी की तकरार भी रहती है।
जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर बिजनौर-कोतवाली रोड पर गांव शादीपुर बसा है। गांव का नाम शादीपुर क्यों पड़ा? इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन शादियों को लेकर यह गांव चर्चा में है। यहां बड़े भाई की साली से छोटे भाई की शादी कराने का रिवाज सा है। ऐसे 50 घर हैं जिनमें सगी बहनें आपस में देवरानी-जेठानी भी हैं। गांव के पश्चिमी मोहल्ले में ही 25 जोड़े से ज्यादा बहनें अपने देवरानी-जेठानी के रिश्ते को भी बखूबी निभा रहीं हैं।
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कई घरों में तहेरी-चचेरी, ममेरी-फुफेरी बहनें भी
न केवल सगी बल्कि कई घर ऐसे भी हैं, जिनमें दो भाइयों की पत्नियां आपस में तहेरी-चचेरी या फिर ममेरी-फुफेरी बहनें भी हैं। करीब आठ जोड़े बहनें ऐसी भी हैं, जिनका विवाह शादीपुर में ही हुआ है लेकिन उनके पति आपस में भाई नहीं हैं।

पिता के बाद बेटों ने भी निभाई परंपरा
गांव की रवायत को निभाने वालों में बुजुर्ग और युवा दोनों आगे हैं। गांव निवासी ओमप्रकाश और उनके भाई की पत्नियां आपस में सगी बहनें हैं। ओमप्रकाश के दो पुत्रों की शादी भी आपस में सगी बहनों से ही हुई है। एक अन्य परिवार में तीसरे भाई की शादी भी अपनी दो भाभियों की ममेरी बहन से हुई है।

परखे हुए थे लोग, नहीं हुआ संकोच
गांव निवासी अरुण गुप्ता और रोहित गुप्ता सगे भाई हैं। अरुण की पत्नी आरती और रोहित की पत्नी प्रीति सगी बहनें हैं। अरुण का कहना है कि ससुराल के लोग व्यवहार में परखे हुए थे। इसलिए छोटे भाई की शादी अपनी पत्नी की बहन से कराने में कोई संकोच नहीं हुआ। पूरा परिवार हंसी-खुशी रह रहा है।
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पहले से वाकिफ होते हैं लोग
गांव के बुजुर्ग रामप्रसाद बताते हैं कि आजकल शादी के बाद पति-पत्नी या ससुराल वालों में मनमुटाव आम हो गया हैै। ऐसे में हर कोई चाहता है कि उनके परिवार में ऐसी लड़की बहू बनकर आए, जिसके आचार-विचार से वे पहले से वाकिफ हों। बड़ी बहू की बहन परिवार से घुल-मिल जाती है। इसलिए यदि किसी का छोटा बेटा है तो उसकी शादी वे बड़ी बहू की बहन से कराना ज्यादा अच्छा मानते हैं।

बिजनौर के ग्राम शादीपुर के पति पत्नी अरूण गुप्ता व आरती। (अनोखा गांव खबर के साथ)

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