- हिंदूवादी नेताओं, युवती और दारोगा से कहासुनी का वीडियो वायरल होने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
नूरपुर। गैर समुदाय के युवक के पक्ष में बयान देने पर हिंदूवादी नेताओं, युवती और दारोगा से कहासुनी का वीडियो वायरल होने के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत न कराना दारोगा हरेंद्र कुमार को भारी पड़ गया। पुलिस अधीक्षक ने कर्तव्य के प्रति उदासीनता व लापरवाही के आरोप में उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
गौरतलब है कि थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी हिंदू युवती को पड़ोस के गांव पूरनपुर नंगला निवासी मोनिश अहमद गत 25 फरवरी को बहला फुसलाकर ले गया था। पुलिस ने करीब चार माह की छानबीन के बाद 16 मई को युवती को बरामद कर कोर्ट में बयान के लिए पेश किया। कोर्ट में बयान देने से पहले युवती को वन स्टाप सेंटर में रखा गया। जहां पर हिंदूवादी नेताओं पर युवती के साथ अभद्रता करने व मंगलसूत्र तोड़ने के आरोप को लेकर विवेचक हरेंद्र कुमार और हिंदूवादी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक का वीडियो वायरल हुआ था।
उधर, युवती की ओर से कोतवाली शहर में हिंदू जागरण मंच के पूर्व प्रांत मंत्री जितेंद्र बैस समेत पांच हिंदूवादी नेताओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। दारोगा द्वारा इस संबंध में समय से उच्चाधिकारियों को अवगत नहीं कराया गया। वायरल वीडियो पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा तो सीओ चांदपुर के द्वारा कराई गई। जांच आख्या के आधार पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने इसे कर्तव्य के प्रति उदासीनता व लापरवाही मानते हुए तत्काल प्रभाव से दारोगा हरेंद्र कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है।