- पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे : चलते चलते खत्म हो जाती है सड़क
- पुलों के निर्माण के लिए हुए डायवर्जन को नहीं लगे हैं संकेतक
- तीन दिन पहले डायवर्जन का पता नहीं लगने पर हवा में झूल गया था ट्रक
- अब कोहरे में और बढ़ जाएगी दुश्वारियां, उड़ती धूल से भी राहगीर परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/कोतवाली देहात। चलते चलते खत्म हो जाती है सड़क, दुश्वारियां तमाम है इस राह में...। जी हां, पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे की हालत कुछ ऐसी है। दरअसल राह में चलते हुए कब आगे खाई आ जाए, यह मालूम ही नहीं पड़ता। क्योंकि पुलों के निर्माण के लिए बनाए बाईपास पर किधर से मुड़ना है, इसके लिए डायवर्जन के संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। चार दिन पहले छोइया नदी पर एक ट्रक सीधे बढ़ने पर हवा में लटक गया था। वहीं उड़ती धूल और कोहरा भी अब राहगीरों के लिए मुसीबत बन रहा है।
बिजनौर से कोतवाली देहात तक मार्ग में दर्जन भर से भी अधिक स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य चलने के बावजूद कार्यदाई संस्था द्वारा कहीं भी संकेतक नहीं लगाए गए हैं। जिसके कारण हादसों का अंदेशा बना हुआ है। बुधवार की देर शाम एक ट्रक कोतवाली देहात की ओर से बिजनौर की ओर जा रहा था। छोइया नदी के पुल पर निर्माण हेतु डाली गई मिट्टी में ट्रक बेहद ऊंचाई पर जा धंसा। ट्रक में माल भरा था गनीमत रही कि ट्रक नहीं पलटा। ट्रक के चालक ने ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक चालक घायल हो गया था।
ग्रामीणों ने बताया कि छह दिसंबर की शाम को बरूकी अंडरपास पर बनने वाली सर्विस रोड पर बिना कोई संकेतक लगाए कार्य शुरू कर दिया गया। मिट्टी की खुदाई के कारण कई बाइक सवार उस स्थान पर फिसल कर गिर पड़े और घायल हो गए। ग्रामीणों ने संकेतक लगाने की मांग की है। उधर मार्ग में जगह जगह कच्ची सड़क होने की वजह से उड़ती धूल से लोग बेहाल हैं।
- इन स्थानों पर जरूरी है संकेतक
वीकेआईटी के निकट निर्माणाधीन पुल के पास, छोइया नदी के पुल के पास, बरूकी के निकट सर्विस रोड पर दोनों ओर, विनायक कॉलेज के निकट बान नदी के पुल के पास, महेश्वरी जट में अंडरपास के निकट, ग्राम रहमापुर के निकट, कोतवाली देहात में पेट्रोल पंप के पास संकेतक बोर्ड लगाए जाने आवश्यक हैं।
- सर्दी में बढ़ सकती हैं दुर्घटनाएं
ग्राम हादरपुर निवासी शुभम भोजयान ने बताया कि सड़क पर संकेतक न होने के कारण दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। अधिक दुर्घटनाओं वाले स्थान पर तुरंत संकेतक लगाए जाने चाहिए।
दैनिक यात्री लव कुमार ने बताया कि कई बार अंधेरे और कोहरे में सड़क पर यह मालूम ही नहीं पड़ता कि किधर मुड़ना है। डायवर्जन का भी पता नहीं चल पाता।
ग्रामीण शुभम मौर्य ने बताया कि सर्दी में कोहरा आना शुरू हो गया है। तथा यह दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। संकेतक न होने की दशा में वाहन चालक भटक कर दूसरी ओर पहुंच जाते हैं जिससे दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। मार्ग पर तुरंत संकेतक लगाए जाने चाहिए।
पानीपत खटीमा हाइवे पर बिना संकेतक लगाए ही किया जा निर्माण कार्य।