- चंदक स्टेशन के पास ब्रेक बाइडिंग से निकली थी चिंगारी और धुआं, 45 मिनट खड़ी रही ट्रेन
- आग की अफवाह पर ट्रेन से उतर गए यात्री, कई कूदे, जो चोटिल भी हुए
-लखनऊ से चंडीगढ़ जा रही वंदे भारत को भी चंदक में 25 मिनट रोकना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदक (बिजनौर)। चंदक रेलवे स्टेशन के निकट शुक्रवार को सद्भावना एक्सप्रेस में ब्रेक बाइडिंग (ब्रेकशू पहियों पर चिपकना) की वजह से धुआं और चिंगारी उठने लगी। ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैलने से यात्रियों में अफरातफरी और भगदड़ मच गई। ट्रेन को रोका गया तो यात्री कूद पड़े। भगदड़ में दर्जनभर यात्रियों को मामूली चोट लगी हैं। चंदक स्टेशन के पास यह ट्रेन 45 मिनट तक खड़ी रही। उधर, वंदे भारत ट्रेन को भी चंदक में 25 मिनट तक रोक कर रखा गया। रेलवे कर्मचारियों ने ब्रेक ठीक करके ट्रेन को रवाना किया।
बृहस्पतिवार को लखनऊ से चंडीगढ़ जा रही एक्सप्रेस ट्रेन (15011) चंदक रेलवे से निकल कर करीब एक किलोमीटर आगे बढ़ी थी। तभी सबसे पिछले डिब्बे के पहियों में अचानक धुआं उठने लगा। धुआं कोच में भी पहुंचा, जिस पर यात्रियों में आग लगने की अफवाह फैल गई। आनन फानन यात्रियों ने चेन पुलिंग करते हुए ट्रेन को रोक लिया।
ट्रेन रुकते ही यात्री डिब्बे से कूदने लगे। एक-एक कर ट्रेन के सभी डिब्बे खाली हो गए। ट्रेन से दून जाने के यात्रियों में भगदड़ भी मच गई। कई यात्रियों का सामान ट्रेन में ही छूट गया। उधर, जल्दबाजी में उतरकर गिर जाने से दर्जनभर से अधिक यात्री मामूली रूप से चोटिल हुए।
पास के ही गांव भवानीपुर के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। महिलाएं और बच्चे सहमे हुए दिखाई दिए, जो ट्रैक के पास जमीन पर बैठे रहे। रेलवे कर्मचारियों ने ब्रेक ठीक करके ट्रेन को रवाना किया।
लाइन क्लियर होने पर ही रवाना की गई वंदे भारत
चंदक रेलवे स्टेशन से आगे अप लाइन पर खंभा संख्या 1516/2 पहले से ही सद्भावना एक्सप्रेस खड़ी थी। उधर, अप लाइन पर ही आ रही वंदे भारत को चंदक रेलवे पर रोक लिया गया। वंदे भारत ट्रेन (22545) लखनऊ से चलकर देहरादून जा रही थी, जो 25 मिनट तक चंदक रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। अप लाइन के क्लियर होने पर ही वंदे भारत को रवाना किया गया।
ट्रेन में फिर से सवार नहीं हुए कई यात्री
ट्रेन में आग लगने की अफवाह ने यात्रियों में इस कदर खौफ भर दिया कि सैकड़ों यात्री फिर से ट्रेन में सवार ही नहीं हुए। यह सभी यात्री आस पास के स्टेशन से ही सवार हुए थे, जिन्होंने अपने परिजनों को फोन करके बुला लिया। इन सभी ने दूसरे साधनों से अपनी यात्री को पूरा करना उचित समझा।