युवाओं को हुनरमंद बना रहा कौशल विकास मिशन
बिजनौर। आज 15 जुलाई विश्व युवा कौशल विकास दिवस है। शासन का युवाओं को स्वावलंबी बनाने पर जोर है। इसके लिए युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए कौशल विकास मिशन योजना संचालित है। योजना कोरोना के आपदा काल में रोजगार देने में वरदान रही थी। इस योजना के तहत जिले में करीब 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। सात हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला। इनमें 25 प्रतिशत महिलाएं हैं।
कौशल विकास मिशन योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। योजना वर्ष 2013 में शुरू हुई। शासन की मंशा है कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिले। युवा अपना काम धंधा शुरू कर सकें। शासन युवाओं के सपनों को अमली जामा पहनाने के लिए बैंकों के माध्यम से लोन उपलब्ध कराता है। घरेलू कामकाजी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जिले महिलाओं के स्वयं सहायता समूह बने हैं। जिले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना में समूह संचालित हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन में समूह की महिलाओं को लोन उपलब्ध कराकर निजी रोजगार शुरू करने को प्रोत्साहित करता है।
43 कौशल विकास केंद्र संचालित
उत्तर कौशल विकास मिशन के काउंसलर कम मैनेजर मार्कंडेय चौरसिया ने बताया कि जिले में 24 कौशल विकास केंद्र संचालित हैं। साथ ही 19 केंद्र प्राइवेट ट्रेनिंग पार्टनर चल रहें हैं। केंद्रों पर तीन माह से लेकर नौ माह तक का विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाता है। जिनमें हेल्थ केयर, सिलाई कढ़ाई आदि करीब एक दर्जन ट्रेड शामिल हैं। महिलाओं के लिए आरक्षण है। ब्यूटी पार्लर आदि आधा दर्जन ट्रेड केवल महिलाओं के लिए हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थी को दो सेट ड्रेस, पढ़ाई का मैटेरियल दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने पर सर्टिफिकेट दिया जाता है। कंपनियों में नौकरी दिलाने के लिए रोजगार मेले लगते हैं।
कोरोना काल में मिला सबसे अधिक युवाओं को रोजगार
वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्वरोजगार ट्रेनिंग देने का लक्ष्य 4554 था। 3415 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। जिनमें 685 को रोजगार मिला। इनमें 30 प्रतिशत महिलाएं हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्व रोजगार ट्रेनिंग लक्ष्य 12688 था। कोरोना का प्रकोप रहा, 4756 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। 4834 को रोजगार मिला। इनमें वित्तीय वर्ष 2019-20 के प्रशिक्षण प्राप्त युवक भी शामिल थे। बताया कि कोरोना काल में 33 प्रतिशत महिलाओं को रोजगार मिला। वित्तीय वर्ष 2021-22 में स्व रोजगार ट्रेनिंग लक्ष्य 14165 था। 10101 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें 1592 युवाओं को रोजगार मिला है। इनमें 20 प्रतिशत महिलाएं हैं।
ये है वित्तीय वर्ष 2022-23 का लक्ष्य
मार्कंडेय चौरसिया ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 6310 युवाओं को स्व रोजगार ट्रेनिंग दिलाने का लक्ष्य है। 2500 युवाओं की कौशल विकास केंद्र पर प्रशिक्षण शुरू हो गया है। 300 युवाओं को रोजगार भी दिला दिया गया है।