फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: दो पुलिसकर्मियों सहित छह लोग कोर्ट में तलब

विज्ञापन
विज्ञापन
दो पुलिसकर्मियों सहित छह लोग कोर्ट में तलब
विज्ञापन

बिजनौर। सीजेएम शारिब अली ने आदित्य को आत्महत्या के लिए विवश किए जाने के मामले में पुलिस की ओर से दाखिल की गई फाइनल रिपोर्ट को अस्वीकार कर दिया है। सीजेएम ने दो पुलिसकर्मियों सहित छह लोगों को आत्महत्या के लिए विवश करने के मामले में विचारण के लिए 25 जनवरी को तलब किया है।
नजीबाबाद के मोहल्ला आदर्श नगर निवासी रूपा रानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26 मई 2021 को दोपहर दो बजे दो कांस्टेबल बाइक पर सवार होकर उसके घर आए। उसके पुत्र आदित्य कुमार के बारे में पूछने लगे। उस समय आदित्य घर पर मौजूद था। उसने कांस्टेबल से बात की। जब उसने अपने पुत्र से पूछा कि क्या मामला है, तब आदित्य ने बताया कि एक महिला नेहा सिंह पत्नी दीपक, सौरभ और डोली ने संयुक्त रूप से उसके फोन पर अश्लील फोटो भेजे थे और रुपयों की मांग करने लगे थे। कहते थे कि वह उनके अनुसार नहीं चला तो उसे व उसके माता-पिता को झूठे मुकदमे में फंसा देंगे। यह बात बताने के बाद आदित्य ने रसोई में जाकर विषैला पदार्थ खा लिया। जिसके बाद दोनो कांस्टेबल चुपचाप चले गए। इसके बाद वह अपने पुत्र को पूजा अस्पताल ले गई, जहां इलाज के दौरान आदित्य ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन

आदित्य ने दिए थे तीन सुसाइड नोट
आदित्य ने तीन सुसाइड नोट अपनी माता को दिए थे। रूपा का कहना था कि उसके लड़के को इन लोगों ने साजिशन इंटरनेट पर खेले जा रहे गेम का सहारा लेकर प्रताड़ित किया और साजिश के तहत उसकी हत्या की गई। इस मामले में पुलिस की ओर से फाइनल रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई। जिस पर रूपा रानी द्वारा आपत्ति दाखिल की गई और कहा गया कि मार्च 2021 में इंस्टाग्राम के माध्यम से उसके पुत्र आदित्य की नेहा पत्नी दीपक से मोबाइल पर बात होने लगी। वह फोन पर आदित्य को अश्लील फोटो भेजती थी। उसने उसको अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। एक दिन जब वह नेहा के घर पहुंचा तो उसका पति दीपक घर पर मौजूद था। अपनी प्रेम कहानी छुपाने के लिए आदित्य पर झूठा आरोप लगा दिया। नेहा की शिकायत पर आदित्य को पुलिस ने प्रताड़ित किया। यह भी कहा कि नेहा सिंह ने अपनी सहेली डोली, गौरव और दोस्त सौरभ के साथ मिलकर आदित्य को तरह-तरह से प्रताड़ित किया और आत्महत्या करने के लिए विवश किया।
विज्ञापन

विधि अनुसार नहीं की गई विवेचना : कोर्ट
जिसमें आदित्य अपनी प्रताड़ना के बारे में लिखा था। नेहा का पिता पुलिस में है। अदालत से प्रार्थना की गई कि फाइनल रिपोर्ट गलत तरीके से लगाई गई है। अदालत ने इस मामले में अपने आदेश में लिखा है कि केस डायरी व अभिलेखीय साक्ष्य के आधार पर विवेचना विधि अनुसार नहीं की गई है। फाइनल रिपोर्ट अस्वीकार करने योग्य है। नेहा शर्मा, डोली, गौरव और सौरभ, पुनीत और मोहित के विरुद्ध धारा 306 आईपीसी का अपराध प्रथम दृष्यता होना पाया जाता है। उन्हें अदालत में अपराध के विचारण के लिए तलब किया जाता है। तलब किए गए पुनीत और मोहित सिपाही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें