चांदपुर कोर्ट के स्टेनो के अपहरण के मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रकाश शुक्ला ने चांदपुर कोर्ट के स्टेनो के अपहरण के बहुचर्चित मामले में पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में एक महिला सहित छह आरोपियों को आरोप से बरी कर दिया। मगर, इस घटना में शामिल सुमित व अंकुल को अवैध शस्त्र रखने का दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता मुकेश चौहान के अनुसार सिविल जज जेडी चांदपुर के न्यायालय में कार्यरत लिपिक प्रदीप कुमार ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह सात जुलाई 2022 को अपने ही कोर्ट में कार्यरत स्टेनो अंकुर के साथ अपने आवास से चांदपुर कोर्ट आ रहे थे। रास्ते में कुछ हथियार बंद लोगों ने उनकी बाइक गिरा दी और स्टेनो अंकुर को गाड़ी में डाल कर ले गए।
इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होते ही चांदपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नजीबाबाद के एक कॉलेज के कमरे से स्टेनो अंकुर को बरामद किया। मौके से सुमित निवासी मंडोरा, अंकुल निवासी मुराहट को 315 बोर के अवैध तमंचे व कारतूसों के साथ पकड़ा। मौके से प्रियंका निवासी मंडोरा को भी पकड़ा गया। बरामद अंकुर ने बताया कि उसका अपहरण प्रियंका से जबरदस्ती शादी करने के लिए किया गया था। उसे धमकी दी जा रही थी कि या तो उससे शादी कर ले नहीं तो तुझे जान से मार देंगे।
इस घटना में तीन पकड़े गए थे, जबकि तीन लोग भाग गए थे। पुलिस ने सुमित, अंकुल, प्रियंका, सचिन, रणबीर व कपिल के विरुद्ध चार्ज सीट कोर्ट में दाखिल की गई थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्टेनोग्राफर अंकुर पक्ष द्रोही हो गया। उसने अपने अपहरण होने से इनकार कर दिया। अपहरणकर्ता अंकुर के अपने बयानों से मुकर जाने के कारण साक्ष्य के अभाव में अदालत ने अपहरण के आरोप से सभी आरोपियों को बरी कर दिया। मगर, सुमित, अंकुल को अवैध शस्त्र रखने का दोषी पाते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई।