-घरों के बाहर झूल रहे 11 हजार की हाईटेंशन लाइन के तार
- गलियों में पुलिया ऊंची, टूटी सड़क, वाहन हो रहे खटारा
-8 हजार की आबादी वाली कॉलोनी में जनसुविधाओं की कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। शहर में जनसुविधाएं धरातल पर नहीं, कागजों में ही हैं। शहर की वीआईपी कॉलोनी का सिर्फ नाम ही है। बल्कि काम इसका एकदम उल्टा है। कॉलोनी में सुविधाएं नहीं, असुविधाएं अपार हैं। कॉलोनी में सड़कें टूटी हुई हैं। घरों के ऊपर 11 हजार की हाईटेंशन लाइन के तार लटक रहे हैं। जिससे हर समय हादसा होने का अंदेशा लगा रहता है।
बिजनौर शहर में आवास विकास कॉलोनी से सटी हुई वीआईपी कॉलोनी है। इसमें सुविधाओं से ज्यादा असुविधाएं हैं। गोविंदपुरम, वीआईपी कॉलोनी और सुंदरनगर में करीब आठ हजार की आबादी है। इतनी आबादी होने के बावजूद भी जनसुविधाएं नहीं बढ़ रही हैं। इन कॉलोनियों में सबसे ज्यादा समस्या टूटी हुई सड़कों की है। गलियों की सड़क तो टूट गई है। मगर रास्ते के बीच में पानी निकासी के लिए जो पुलिया बनाई गई हैं, वह ऊंची हो गई।
सड़क टूटने और पुलिया ऊंची होने पर आए दिन वाहनों में खराबी हो रही है। इसके अलावा लोगों के घरों के सामने से 11 हजार की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। हर गली में 10-10 केवी के ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं, जिनमें ओवरलोड से आए दिन फाल्ट होते रहते हैं।
चार माह से उखड़ी सड़क पर भी नहीं डाली गई मिट्टी: हर्ष राणा
वीआईपी कॉलोनी निवासी अधिवक्ता हर्ष राणा का कहना है कि ज्यादातर सड़कें टूटी हुई हैं। मगर अधिकारी कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं। एक सड़क को चार महीने पहले बनाने के लिए उखाड़ा गया था। उस पर अभी तक मिट्टी नहीं डाली गई।
11 हजार हाईटेंशन लाइन की जगह डाले जाएं 440 लाइन के केबल: नतून भारद्वाज
वीआईपी कॉलोनी के रहने वाले नूतन भारद्वाज ने बताया कि कॉलोनी में घरों के ऊपर से 11 हाजर हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। जिससे हादसा होने का खतरा रहता है। इस लाइन को हटाकर कॉलोनी में 440 लाइन के केबल डाले जाएं।
पुलिया ऊंची होने से वाहनों में आ रही दिक्कत: अक्षय भटनागर
वीआईपी कॉलोनी निवासी अक्षय भटनागर ने कहा कि गलियों में कोई विकास नहीं है। पुलिया ऊंची होने से वाहनों में आए दिन दिक्कत आ रही है। कई बार उनकी गाड़ी की टंकी टूट गई, जिससे तेल टपक रहा था। इससे जल्दी ठीक कराया जाना चाहिए।
विभागीय अधिकारी नहीं दे रहे कॉलोनी के विकास पर ध्यान: जयदीप चौधरी
वीआईपी कॉलोनी निवासी जयदीप चौधरी का कहना है कि बिजली, पानी, सड़क कॉलोनियों में सबसे जरूरी हैं। बरसात में जगह-जगह जलभराव की स्थिति हो जाती है। संबंधित विभागीय अधिकारी कॉलोनी के विकास की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बिजनौर नगरपालिका क्षेत्र में जो नई आबादी आई है, उनमें विकास कार्य के लिए योजना तैयार की जा रही है। क्षेत्रों में जो भी काम बाधित हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। - प्रदीप कुमार, एसडीओ, बिजली विभाग, बिजनौर