बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमपी सिंह ने जिला जजी में कार्यरत एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी की हत्या के मामले में आरोपी शुऐब की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
डीजीसी वरुण राजपूत के अनुसार तबस्सुम सलमा ने थाना कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र नदीम खान जजी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत था। वह अविवाहित था। उसके संबंध बाल बच्चेदार महिला सायरा बानो से हो गए थे। सायरा अपने पति और बच्चों को छोड़कर सिर्फ एक बच्चे मुदस्सिर के साथ नदीम के पास आकर रहने लगी थी। मुदस्सिर 21 वर्ष हो गया था। सायरा नदीम खान पर निकाह के लिए दबाव बना रही थी। नदीम ने उसे किसी अन्य के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। मुदस्सिर भी गलत संगत में रहने लगा था।
सायरा बानो व मुदस्सिर ने नदीम खान पर कई बार हमला भी किया था। उसकी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। सायरा व मुदस्सिर ने अन्य बदमाशों के साथ मिलकर नदीम खान को मार दिया। छह फरवरी 2021 को नदीम खान का शव नाले में पड़ा मिला था। नदीम की मां सलमा ने इस हत्याकांड में सायरा, मुदस्सिर, शुऐब व विक्की के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिला जज ने शुऐब की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। सेशन कोर्ट इस मामले में सायरा की जमानत याचिका पहले ही निरस्त कर चुका है।