-हाईकोर्ट ने एफआईआर की कार्रवाई पर रोक लगाने से किया इंकार
-याचिका खारिज होने पर पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। आय से अधिक संपत्ति के मामले में घिरे खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के कर्मचारी भागीरथ सिंह की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाईकोर्ट ने उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम में दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई रोकने से इंकार कर दिया है। साथ ही कहा कि प्रथम दृष्टा उस पर भ्रष्टाचार का मामला बनता है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भागीरथ सिंह ने हाईकोर्ट में दाखिल रिट याचिका में कहा था कि उसके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मामले में विभागीय जांच चली है। इस जांच के विरुद्ध उसने हाईकोर्ट में रिट याचिका डाल रखी है, जो अभी विचाराधीन है। इसके बावजूद उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसके लिए शासन से पूर्व कोई अनुमति नहीं ली गई, जो कानून का दुरुपयोग होगा। एफआईआर को निरस्त किया जाए।
इस मामले में सरकार की ओर से कहा गया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भागीरथ सिंह ने आय से बहुत अधिक संपत्ति अर्जित की है। उसने अपने नाम तीन प्लाट व अपनी पत्नी के नाम छह संपत्तियां विभाग से बिना इजाजत लिए खरीदी हैं। हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक कुमार बिरला एवं विनोद दिवाकर ने अपने आदेश में लिखा कि एफआईआर में दिए तथ्यों से यह साफ नजर आता है कि भागीरथ सिंह के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति का मामला बनता है। उसकी रेट याचिका खारिज की जाती है। याचिका खारिज होने से पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस इस मामले में भागीरथ सिंह की गिरफ्तारी भी कर सकेगी।