संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो तालेवर सिंह ने फिरौती के लिए हुए नवनीत के अपहरण में शहजाद को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस केस में नौ लोगों को दोषी पाया था। इनमें से आठ दोष सिद्ध अभियुक्तों को 12 अगस्त को सजा सुनाई गई थी। अभियुक्त कामिल, मेहरबान, सरफराज, सद्दाम गुर्जर, नवाब गुर्जर, शारिक बंजारा, परवेज, इरशाद को अपहरण के लिए फिरौती करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है।
दोष सिद्ध शहजाद के 12 अगस्त को कोर्ट में पेश नहीं होने पर उसकी पत्रावली अलग कर उसके गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उसकी संपत्ति की कुर्की के आदेश पुलिस को दिए गए थे। दबाव पड़ने पर शहजाद 16 अगस्त को कोर्ट में पेश हुआ था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था, जिसे बुधवार को सजा सुनाई गई है।
थाना बढ़ापुर के गांव नूरपुर अरब निवासी रविंद्र सिंह ने पांच नवंबर 2013 को थाना बढ़ापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके जंगल में बने मकान में कुछ व्यक्ति घुस आए और बाउंड्री में खड़ी जिप्सी, उसके बेटे नवनीत इंदर को जबरदस्ती ले गए। रिपोर्ट में कहा गया था कि उसके बेटे की जान को खतरा है। 11 नवंबर को रविंद्र सिंह ने थाने को प्रार्थना पत्र कहा कि कामिल ने उसे फोन कर कहा कि उसका बेटा नवनीत इंदर उनके पास है। 25 लाख रुपये की मांग की। पुलिस ने जाल बिछाकर इस मामले में रविंद्र को फिरौती के रुपये लेकर भेजा और नवनीत को छुड़ाया था और उसके अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया था।
इरफान की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। बाकी नौ अभियुक्तों कामिल मेहरबान, शारिक, सरफराज, शहजाद ,परवेज, सद्दाम, नवाब इरशाद को फिरौती के लिए अपहरण में सजा सुनाई गई।