बिजनौर। विशेष न्यायधीश पॉक्सो एक्ट पारुल जैन ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपहरण करने के मामले में दोषी पाते हुए भूरे को सात वर्ष के कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से साढ़े सात हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। इसके अलावा सीआरपीसी में दिए प्रावधान के तहत एक लाख रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने की भी संस्तुति की है। शासकीय अधिवक्ता भालेंद्र सिंह राठौर के अनुसार थाना किरतपुर के एक गांव निवासी महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके घर में पीड़िता के पास भूरे का आना-जाना था। भूरे उसकी 15 वर्षीय पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। जब उसका पता नहीं चला तो उसने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालत ने भूरे निवासी काजीपाड़ा, बिजनौर को दोषी पाते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।