बाघों और उल्लू की सुरक्षा बनी चुनौती बनी
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व में दीपावली के मौके पर बाघों और उल्लू की सुरक्षा कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। बावरिया गिरोह के सक्रिय होने को लेकर वन विभाग चौकन्ना हो जाता है। कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क की दक्षिणी सीमा संवेदनशील घोषित की गई है।
ऐसा कहा जाता है कि दीपावली के दिन बावरिया बाघ का शिकार कर पूजा करता है। उल्लू का शिकार भी तंत्र मंत्र के लिए किया जाने की आशंका रहती है। इन्हीं आशंकाओं को लेकर वन विभाग ने कार्बेट टाइगर रिजर्व में अलर्ट घोषित किया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व में रात दिन गश्त चल रही है। पार्क के निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा पर सबसे अधिक खतरा रहता है। बिजनौर जनपद की सीमा से धारा, कालागढ़, मोरघाटी व पाखरो तक का क्षेत्र सील किया गया है। रात्रि में वह स्वयं गश्त कर रहे हैं। पाखरों में शिकारियों के पकड़े जाने के बाद मामला और भी अधिक संवेदनशील हो गया है।