बिजनौर। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के डिग्री कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं में दाखिले का आज आखिरी दिन था। विद्यार्थियों ने स्नातक में दाखिले में दिलचस्पी नहीं दिखाई। विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों ने टेक्निकल पढ़ाई को दाखिले में प्राथमिकता दी। डिग्री कॉलेज आखिरी दिन विद्यार्थियों का दाखिले को इंतजार करते रहे। कालेजों से मिल रही जानकारी के अनुसार विज्ञान संकाय गणित समेत अन्य स्नातक कक्षाओं में बड़ी संख्या में सीट खाली रह गई है।
जिले में रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 150 डिग्री कॉलेज संचालित हैं। इनमें एक राजकीय डिग्री कॉलेज, छह शासकीय सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेज तथा 143 स्वपोषित डिग्री कॉलेज हैं। यूपी बोर्ड तथा सीबीएसई बोर्ड के करीब 50,000 छात्र छात्राओं ने वर्ष 2022 की इंटर परीक्षा दी। इनमें 40,000 से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की है।
विद्यार्थियों की स्नातक में दाखिले के लिए पहली पसंद राजकीय और उसके बाद शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय होते हैं। इन कालेजों में दाखिले इंटर में प्राप्त नंबर की मेरिट के आधार पर होते हैं। छात्र इन कॉलेजों में दाखिला नहीं होने पर ही स्वपोषित डिग्री कॉलेजों की ओर रुख करते हैं।
कॉलेजों से मिली जानकारी के अनुसार विज्ञान संकाय समेत वाणिज्य तथा साहित्यिक वर्ग में भी सीट खाली हैं। गिने चुने स्वपोषित डिग्री कॉलेजों को छोड़कर अधिकांश में दाखिलों की स्थिति खस्ता है। बताया जाता है कि स्वपोषित डिग्री कॉलेजों ने इंटर का रिजल्ट आने के बाद ही अघोषित रूप से स्नातक कक्षाओं में पंजीकरण शुरू कर दिया था। परंतु कोई सकारात्मक नतीजा सामने नहीं आया।
टेक्निकल वह कोचिंग क्लास में दाखिले को प्राथमिकता
वर्धमान कॉलेज बिजनौर में केमिस्ट्री के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार के अनुसार दो साल से कोरोना संकट था। विद्यार्थी न तो तकनीकी कक्षाओं तथा न ही कोचिंग संस्थानों में दाखिले के लिए बाहर गए। इस साल विद्यार्थियों ने इंजीनियरिंग व समकक्ष टेक्निकल कोर्स में दाखिले को प्राथमिकता दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा में दाखिले की तैयारी के लिए दिल्ली, मेरठ कोटा राजस्थान, आदि कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया। इसका असर स्नातक कक्षाओं में दाखिले पर है। विवेक कालेज बिजनौर के प्राचार्य राजीव चौधरी के अनुसार इंजीनियरिंग में दाखिलों की काउंसलिंग के बाद अनेक विद्यार्थी को मनमुताबिक संस्थान व ट्रेड नहीं मिल पाता है । इस स्थिति में विद्यार्थी स्नातक में दाखिला लेते हैं।
विद्यार्थियों का लक्ष्य रहा रोजगार के अवसर
नवनीत कुमार तथा उसके सहपाठियों ने जेईई तथा नीट की तैयारी के लिए कोटा राजस्थान में दाखिला लिया है। बताया कि इस साल कोटा के कोचिंग संस्थान की सीट काफी पहले भर गई। पिछले सालों के मुकाबले फीस भी अधिक है। बताया कि टेक्निकल पढ़ाई से नौकरी पाने के अधिक अवसर है। षष्ठम कुमार बताते हैं कि ग्रेजुएशन या पीजी करने के मुकाबले तकनीकी डिग्री लेना प्राथमिकता है।