स्नीफर डॉग के साथ चलाया तलाशी अभियान
कालागढ़। नववर्ष पर वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग की टीम ने स्नीफर डॉग के साथ कालागढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा बसे गूजरों के डेरों पर तलाशी अभियान चलाया। अभियान के तहत गूजरों के डेरों पर वन्यजीव अवशेषों को भी खोजा गया।
नववर्ष पर कार्बेट टाइगर रिजर्व एवं कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वन एवं वन्यजीव अक्सर तस्करों के निशाने पर रहते हैं। इस दौरान वन विभाग के सामने वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन जाती है। कार्बेट टाइगर रिजर्व एवं कालागढ़ टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा एवं बिजनौर जनपद की उत्तरी सीमा को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। बृहस्पतिवार की सुबह तीन बजे से वन विभाग की टीम ने कालागढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा पर बसे गूजर डेरों पर स्नीफर डॉग की मदद से तलाशी अभियान चलाया। डॉग की मदद से वन्यजीवों के अवशेष आदि छिपाने की जगह पर तलाशी ली। इस अभियान में कालागढ़, पाखरो एवं मोरघाटी की टीमें शामिल रहीं। उप प्रभागीय वनाधिकारी हरीश नेगी, रेंज अधिकारी राकेश कुमार भट्ट एवं विकास रावत मौजूद रहे।
बिजनौर क्षेत्र से बड़ा खतरा
कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी राकेश कुमार भट्ट ने बताया कि कार्बेट टाइगर रिजर्व व कालागढ़ टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा जनपद बिजनौर से मिलती है। तस्करों के इसी इलाके से वनों में प्रवेश का खतरा रहता है। गूजरों को हिदायत दी गई है कि यदि कोई बाहरी व संदिग्ध व्यक्ति या महिला उनके डेरों पर या निकट आती है तो उसके बारे में वन विभाग को सूचना दें।