- नौ सीटर मिनी बस में बैठा रखे थे चालीस छात्र छात्राएं
- बिना फिटनेस और बिना पंजीकरण स्कूली वाहन के संचालन से खतरे में पड़ी जान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। नहर में स्कूली बस गिरने से एक बालक की मौत हो गई, जबकि तीस अन्य विद्यार्थियों की जान भी बाल-बाल बची। जिस बस के गिरने से यह हादसा हुआ, वह जिले में पंजीकृत ही नहीं है। बल्कि दिल्ली के पंजीकरण ही उक्त बस का संचालन यहां पर किया जा रहा था। बस की फिटनेस भी नहीं मिली है।
बुधवार को स्योहारा थाना क्षेत्र में स्कूली बस नहर में गिरने के बाद प्रशासनिक अमला मौके की तरफ दौड़ पड़ा। डीएम उमेश मिश्रा, एसपी नीरज कुमार जादौन, एआरटीओ प्रवर्तन गौरी शंकर भी मौके पर पहुंचे। एआरटीओ के मुताबिक स्कूली बच्चों को लाने ले जाने के लिए जिस बस का संचालन किया जा रहा था, वह बिजनौर में पंजीकृत ही नहीं है। दिल्ली में पंजीकृत इस मिनी बस के संचालन की समय सीमा भी अब पूरी हो चुकी है। ऐसे में बिजनौर में पंजीकृत होने का सवाल भी नहीं रहा। बता दें कि इस खटारा मिनी स्कूली बस में चालीस बच्चों को सवार किया गया था, जबकि इस क्षमता नौ सीटर है। यानि यह मिनी बस नौ सीटर पर ही पास ही थी। अब फिटनेस भी जिले में नहीं कराया गया था। ऐसे में अभिभावकों के जिगर के टुकड़ों की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया।
गड्ढे से बचाने के फेर में नहर में जा गिरी बस
अफसरों की प्रथम दृष्टया जांच में ही यह साफ हो गया कि जिस नहर पटरी से इस बस को ले जाया जा रहा था, वह खस्ताहाल है। नहर पटरी सड़क पर जगह जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इन गड्ढों से बचाने के चक्कर में ही चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया और नहर में जा गिरी। यह भी बताया जा रहा है कि बस का चालक फोन पर बातें भी कर रहा था। सड़क के गड्ढे से बचाते हुए भी वह फोन पर बात करता रहा। इसी चक्कर में बस नहर में चली गई।
69 स्कूली वाहनों को जारी किए गए हैं नोटिस
एआरटीओ प्रशासन शिव शंकर सिंह ने बताया कि इस साल अप्रैल माह से जून माह तक जिन स्कूली वाहनों की फिटनेस ठीक नहीं है, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। कुल 69 वाहनों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनके अलावा पिछले साल भी 963 स्कूली वाहनों को नोटिस जारी किए गए थे।