- वाल्मीकि समाज की ओर से संस्कृत दिवस पर संगोष्ठी आयोजित
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संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद। वाल्मीकि समाज की ओर से संस्कृत दिवस पर संगोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत भाषा सबसे प्राचीन भाषा है। संस्कृत भाषा में दया, करुणा, परोपकार का गुण विद्यमान है।
वाल्मीकि समाज की ओर से राजपूत धर्मशाला में अशोक घाघट की अध्यक्षता में संस्कृत दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संयोजक रामपाल सिन्हा की उपस्थिति में मुख्य वक्ता गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि संस्कृत भाषा इंसान द्वारा बोली जाने बाली पहली भाषा है। संस्कृत भाषा में दया, करुणा, परोपकार का गुण विद्यमान है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा अन्य भाषाओं से श्रेष्ठ है। वर्तमान में रोजगार और व्यापार की दृष्टि से संस्कृत भाषा का प्रचलन न होने के कारण यह भाषा विलुप्त होने की कगार पर है। विशिष्ट अतिथि भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य राजेंद्र बहादुर ने संस्कृत भाषा पर अपने विचार रखे।
कुमुद कुमार के संचालन में आयोजित संगोष्ठी में भाजपा के जिला महामंत्री तरुण राजपूज, नगर अध्यक्ष मुकुल रंजन दीक्षित, रजनी शर्मा, रीता भुईयार, त्रिलोक, रामपाल, हनी, नवीन, शंभू गोडियाल, सौरभ गोडियाल, रोहित, राजू घांघट, प्रदीप, कुलवंत सिंह, अजय सौदाई, चौ. ईशम सिंह आदि मौजूद रहे।