- नौ मई को लिया गया था एजिथ्रोमाइसिन सिरप का नमूना
- बच्चों को सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए दिया जाता है यह सिरप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में लगातार दवाइयों के नमूने फेल आ रहे हैं। इन दवाइयों के सेवन से मरीज का मर्ज ठीक होने के बजाय बढ़ जाएगा। अब फिर एक एंटीबायोटिक सिरप का नमूने जांच में फेल आया है। एजिथ्रोमाइसिन सिरप में मानक के अनुरूप साल्ट नहीं मिला है। जिसके चलते जांच में यह नमूना फेल आया है।
औषधि विभाग की ओर से दवाइयों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक औषधि निरीक्षक उमेश भारती ने नौ मई 2023 को अकबराबाद में पेट्रोल पंप के पास स्थित डीआरडी हेल्थकेयर से एजिथ्रोमाइसिन सिरप का नमूना लिया था। इस नमूने की जांच रिपोर्ट जुलाई के आखिरी सप्ताह में आ गई। जांच में यह नमूने फेल आया है। पांच एमएल के सैंपल में 33.24 प्रतिशत ही साल्ट पाया गया है। जबकि साल्ट 90 से 110 प्रतिशत के बीच में होना चाहिए था। जांच में फेल निकला एजिथ्रोमाइसिन सिरप हिंद रेमीडेज, बरसान, बद्दी कंपनी ने बनाया था। जबकि बाजार में ऑरविन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड खेवट अंबाला की कंपनी बेच रही है। एजिथ्रोमाइसिन सिरप बच्चों को सर्दी-जुकाम होने पर दिया जाता है।
पिछले सात महीने में 17 दवाओं के नमूने आए फेल
औषधि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले सात महीने में 17 दवाओं के नमूने जांच में फेल आए हैं। जिनमें सबसे ज्यादा एंटीबायोटिक दवाई शामिल हैं। एमोक्सीसिलिन, मोडेक्स-200, मोक्सिम-एजेड, एसीरेम-एसपी टेबलेट, एसिक्लोफेनाक, पेरासिटामोल, एक्यूफिक्स-50 टेबलेट, जिन्क्सो-625 सीवी टेबलेट आदि दवाइयां जांच में फेल और नकली मिली हैं।
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जिले में लगातार दवाइयों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच में ज्यादातर एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाई फेल और नकली आ रही है। अब एजिथ्रोमाइसिन सिरप का नमूना जांच में फेल आया है। कंपनी और मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक