फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कालागढ़ में रामगंगा बांध पर 127 एवं सैडिल बांध पर 143 मिलीमीटर बारिश दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
सैडिल बांध मार्ग अवरुद्ध, रामगंगा बांध का जलस्तर 356.130 मीटर पर पहुंचा
विज्ञापन

कालागढ़। कालागढ़ क्षेत्र में भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कालागढ़ में चौथे दिन भी लगातार वर्षा जारी है। कालागढ़ में रामगंगा बांध पर 127 एवं सैडिल बांध पर 143 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश की वजह से सैडिल बांध को जाने वाले मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
रविवार की रात्रि सही कालागढ़ क्षेत्र में लगातार भारी बारिश बनी हुई है। रविवार की रात्रि आठ बजे से सोमवार की सुबह बजे तक कालागढ़ में रामगंगा बांध पर 127 एवं सैडिल बांध पर 143 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। भारी बारिश के चलते रामगंगा बांध के जलाशय में पानी की मात्रा बढ़ती जा रही है। सोमवार को दोपहर बजे रामगंगा बांध का जलस्तर 356.130 मीटर पर पहुंच गया।
विज्ञापन

मलबा आने, पेडों के गिरने से मार्ग बंद
उधर बांध क्षेत्र में हो रही थी वह बारिश के चलते सैडिल बांध को जाने वाले मार्ग पर 3.1 किमी.4.65 किमी. 6.5 किमी. पर मलबा आ जाने से ,पेड़ गिर जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। सहायक अभियंता मनोज कुमार लिखवार ने बताया कि वह मौके पर अपनी टीम के साथ बने हुए हैं। मार्ग को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
कई सोत हुए पानी से लबालब
पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते सूखा सोत, मीरा सोत, चौड़ा सोत, मैग्जीन सोत पानी से लबालब भरे हुए चल रहे हैं। सभी का पानी पुराना कालागढ़ होकर अफजलगढ़ बैराज से हरेवली बैराज के लिए रामगंगा नदी में चल रहा है।
रामगंगा बांध के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि बांध के जलाशय में अभी पानी के संग्रह का पर्याप्त स्थान मौजूद है। बांध के केचमेंट एरिया में पर्वतों पर बारिश हो रही है। जिसका पानी बांध में लगातार आ रहा है। बांध के जलाशय में अभी पानी संग्रह किया जा सकता है। इसलिए पानी छोड़े जाने का कोई प्रश्न नहीं है। लगातार अधिकारियों को जल स्तर पर निगाह रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रति घंटा बांध का जलस्तर दर्ज किया जा रहा है।
विज्ञापन

पुराना कालागढ़ में विद्युत आपूर्ति ठप
तेज बारिश के चलते पुराना कालागढ़ क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुबह से ठप्प है। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर यातायात के साधन कम चल रहे हैं। स्कूल कॉलेजों में बच्चों के अवकाश घोषित किए गए । चौथे दिन लगातार जारी बारिश के चलते सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भर जाने की वजह से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। जगह जगह धान की फसल पानी में गिर गई है। गन्ने के खेतों पर भी बारिश का असर देखने को मिला। अनेक खेतों में गन्ने की फसल भी बारिश और हवा के कारण गिर गई। किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें