बिजनौर। विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट पारुल जैन ने नाबालिग का अपहरण करने के मामले में रोहित को सात साल के कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता भालेंद्र राठौर के अनुसार थाना मंडावर में पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 अक्तूबर 2016 को शाम साढ़े चार बजे वह जंगल गया था। उसकी पत्नी दयालवाला गई हुई थी। घर पर उसकी नाबालिग लड़की कूड़ा डालने जंगल गई। जब शाम को पति-पत्नी घर आए तो उसकी बेटी घर पर नहीं मिली। उसके नहीं मिलने पर रोहित के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने इस मामले में रोहित व उसके पिता सुंदर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत ने इस मामले में रोहित को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। रोहित के पिता सुंदर को दोषमुक्त कर दिया गया है।