- जिले में जमकर बरसे मेघा, 90 मिलीमीटर हुई बारिश शुक्रवार को
- बिजनौर शहर की वीआईपी काॅलोनियों में जलभराव, सड़कें बनी नाला
- शुक्रवार को डीएम के आदेश पर स्कूलों में कक्षा आठ तक रहा अवकाश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को दिनभर होती रही। शुक्रवार को 90 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके चलते सभी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा आठ तक का अवकाश रहा। दिन में बारिश की चाल धीमी हुई, लेकिन आसमान से बूंदें गिरनी बंद नहीं हुईं। बारिश से तापमान में गिरावट हुई, जिससे मौसम में ठंड बढ़ी।
शहर में कई जगहों पर सड़कें डूबी हुई नजर आई। इससे पालिका के जलनिकासी के दावे बारिश में ध्वस्त होते दिखे। जिला मुख्यालय आवास विकास, गंगा नगर, सुंदरनगर आदि शहर की वीआईपी काॅलोनियों में जलभराव हो गया। लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
क्षतिग्रस्त हाईवे और लोकल मार्गों पर भी जलभराव होने से राहगीरों को भारी परेशानी हुई। नजीबाबाद जलालाबाद मार्ग, बिजनौर- किरतपुर मार्ग, मुख्य डाकघर, नई बस्ती आदि में जलभराव हुआ। उधर, जिले का अधिकतम तापमान 23.6 सेल्सियस डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बिजलीघरों में घुसा पानी, कई मोहल्लों की बिजली गायब
जिले में हवा के साथ तेज बारिश हो रही है। इससे जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण अंचल में बिजली व्यवस्था चरमरा गई। बकली, आवास विकास, बुखारा बिजलीघर में पानी घुस गया। बारिश की बूंदों से इंस्सुलेटर खराब होने और पेड़ों की टहनियां लाइनों से गिरने से फाल्ट हुए, जिससे कई घंटे बिजली गुल रही। बिजली न होने से नगरवासियों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ा है।
घनुवाला के पास गिरा पेड़
शुक्रवार सवेरे बिजनौर-मंडावर मार्ग पर घनुवाला के पास क्रेशर के सामने सड़क किनारे खड़ा नीम का पेड़ गिर गया। इससे आवागमन बाधित हो गया। वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में पेड़ हटने के बाद यातायात सुचारू हुआ।
अगेती धान, सब्जियों के नुकसान का होगा सर्वे
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि धान व गन्ने के लिए बारिश अच्छी है। बारिश के साथ तेज हवा चलने से अगेती धान की फसल गिर गई। किसान धान के खेत से पानी निकाल दें। अगेती धान, सब्जियों की फसल को ज्यादा बारिश और हवा से नुकसान पहुंचने की संभावना है। इसके लिए नुकसान आकलन कराया जा रहा है।