गंगा और मालन नदी उफान पर, कोटावाली नदी कर रही कटान
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मंडावली/नजीबाबाद। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने से क्षेत्र की कोटावाली, मालन और गंगा नदी उफान पर रहीं। नदियों ने जहां कई बीघा कृषि भूमि का कटान किया, वहीं किसानों की कई बीघा फसलें जलमग्न हो गईं।
भागूवाला क्षेत्र की कोटावाली नदी का जलस्तर मंगलवार को सुबह नौ बजे से बढ़ गया। कोटावाली नदी ने गांव रामपुर चाठा और सबलगढ़ में कहर बरपाया। नदी ने किसानों की कई बीघा कृषि भूमि का कटान किया। साथ ही फसलों को जलमग्न कर दिया। नजीबाबाद में मालन नदी और लकड़हान नदी भी उफान पर रहीं। मालन नदी ने गांव खैरुल्लापुर, शेखुपुरा आलम, साहबपुरा उमराव और लाहककला के दर्जनों किसानों की कृषि भूमि का कटान किया और फसलों को जलमग्न कर दिया।
उधर, मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से पूंडरीकला-बरमपुर संपर्क मार्ग पर दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया। नदी के एक ओर पूंडरीखुर्द, पूंडरीकला, बरकातपुर, सबलपुर बीतरा और दूसरी ओर ताहरपुर, पाड़ली, पाड़ला, बरमपुर, रायपुर, मौअज्जमपुर हैं। स्थानी पुल न होने से इन गांवों के लोग नदी से होकर आवाजाही करते है। सोमवार देर शाम एक महिला नदी में डूबने से बाल बाल बची थी।
गौसपुर में जलमग्न हो गए तटबंध
नांगलसोती। क्षेत्र में गंगा नदी उफान पर रही। गांव गौसपुर में गंगा का पानी कटान सुरक्षा के लिए बनाए गए तटबंध के ऊपर से उतरा। देखते ही देखते सभी स्टड गंगा नदी में जलमग्न हो गए। ग्रामीण भूपेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान राजेश सिंह, नरेश कुमार का कहना है कि मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी तटबंधों के ऊपर से होकर गुजरा। ग्रामीण दिनभर कटान को लेकर चिंतित रहे। हालांकि गंगा नदी ने गांव की दिशा में कटान नहीं किया। संवाद