देहरादून के लिए खास -
- स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं के साथ मंदिरों में जाकर की पूजा-अर्चना
- धार्मिक संरचनाओं को अतिक्रमण के नाम पर तोड़ रहा है वन विभाग
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। दो दिवसीय दौरे के दौरान कालागढ़ की जनता को विधानसभा अध्यक्षा ऋतु खंडूडी भूषण धार्मिक संरचनाओं के अस्तित्व की राह दिखा गईं। संरचनाओं के प्रति उनकी आस्था देखते ही लोग मंदिरों में उमड़ पड़े।
उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष, क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूडी भूषण ने कालागढ़ के दो दिनों के दौरे के दौरान जनता को धार्मिक संरचनाओं के अस्तित्व को बनाए रखने का मंत्र मिल गया। विधानसभा अध्यक्ष ने स्वयं कालागढ़ के मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की। जिससे महिलाओं में उनके लिए विशेष अनुराग पैदा हो गया। कालागढ़ की भाजपा मंडल अध्यक्ष मीनाक्षी चौधरी का कहना है कि धार्मिक आस्थाओं को अतिक्रमण के नाम पर हटाए जाने की तैयारी वन विभाग कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष का कालागढ़ आगमन सरकार के आगमन जैसा ही है। उन्होंने स्वयं इन स्थानों के बारे में जाना और जनता की आस्थाओं को समझा।
क्षेत्र के विकास के लिए उनसे 19 सूत्री मांग पत्र भी लिया है। भाजपा नेता योगेश कुमार सैनी का कहना है कि उन्होंने कालागढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति कराने की मांग की गई है। झिरना रेंज तक वह स्वयं जनता के साथ गई हैं। यहां के नागरिकों के विकास के लिए पर्यटन की संभावनाएं पैदा हों और इसके विकास का संदेश दिया।
मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूडी का रहा है कालागढ़ से रिश्ता
पूर्व सीएम मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूडी का कालागढ़ से विशेष रिश्ता रहा है। अपने कार्यकाल के दौरान वह कालागढ़ आते रहे। जनता के बीच लोकप्रिय रहे। अब उनकी पुत्री ऋतु खंडूडी भूषण क्षेत्र से विधायक चुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष बनीं तो उन्हें कालागढ़ की जनता ने सिर आंखों पर बैठाया है।