-बच्चों के शरीर पर फुंसी बनकर बड़े आकार में फैल रहीं
-मेडिकल अस्पताल में इस संक्रमण से संक्रमित रोजाना दो-तीन बच्चे पहुंच रहे
-स्टैफिलोकोकस या स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया से फैल रही बुलस इम्पेटिगो बीमारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बरसात होने के साथ ही बीमारियां भी बढ़ने लगी हैं। ऐसे में बच्चों में बुलस इम्पेटिगो त्वचा रोग बढ़ने लगा है। बच्चों के शरीर पर छोटी-छोटी फुंसियां निकल रही हैं, जो बड़ा आकर लेकर फैल रही हैं। मेडिकल अस्पताल में बुलस इम्पेटिगो बीमारी से ग्रसित रोजाना दो से तीन बच्चे पहुंच रहे हैं।
बुलस इम्पेटिगो बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी हैं। यह बीमारी स्टैफिलोकोकस या स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया के कारण बच्चों में फैल रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बैक्टीरिया के पनपने के लिए यह मौसम सबसे मुफीद है। जिसके चलते तरह-तरह की बीमारियां फैल रही हैं। बुलस इम्पेटिगो 10 साल के कम उम्र तक के बच्चों को ज्यादा प्रभावित कर रही है। इसका बैक्टीरिया नमी और गंदगी में ज्यादा पनपता है। बच्चों के गंदगी में खेलने से बैक्टीरिया प्रभाव डालता है और शरीर के खुल हिस्से में खुजली होने लगती है। जिसके बाद दाना बन जाता और पानी वाला दाना बनकर तेजी से अपना विस्तार करने लगता है।
बुलस इम्पेटिगो के लक्षण
-बुलस इम्पेटिगो के कारण त्वचा पर घाव हो जाते हैं
-ये छाले तेजी से बढ़ सकते हैं और फिर फट जाते हैं
-जिससे किनारे पर भूरे रंग की पपड़ी के साथ एक नम क्षेत्र रह जाता है -बड़े छाले कई सेंटीमीटर व्यास और खुजली वाले हो सकते हैं।
-छोटे-छोटे छाले मिलकर बड़े, ढीले, लटके हुए छाले बन सकते हैं
-संक्रमण के संपर्क में आने के एक से तीन दिन बाद घाव दिखाई देते हैं।
ऐसे करें बचाव-
-गंदगी वाली जगह पर न जाएं
-घर और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई रखें
-साफ कपड़े पहनें
-ताजे पानी से स्नान करें
-बुलस इम्पेटिगो के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लें
देहात क्षेत्र में बुलस इम्पेटिगो तेजी से फैल रहा
डॉ. लव कुमार ने बताया कि वह टेलीमेडिसिन के जरिए मरीजों का इलाज कर रहे हैं। देहात क्षेत्र में बुलस इम्पेटिगो तेजी से फैल रहा है। अगर परिवार में किसी एक बच्चे को हो रहा है तो उससे अन्य लोगों में फैलने का खतरा अधिक है।
बरसात के दिनों में बुलस इम्पेटिगो के मरीज बढ़ने लगे हैं। यह बैक्टीरिया से फैलता है। खुजली आने पर ही यह तेजी से फैलता है। एंटी बायोटिक दवा और एंटीबायोटिक क्रीम लगाने से इसका इलाज संभव है। स्टेरॉयड दवा का सेवन इस बीमारी में ठीक नहीं होता है। - डॉ. राजीव रस्तोगी, त्वचा रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल बिजनौर