बिजनौर, चांदपुर। चांदपुर में वन भूमि पर अवैध कब्जे का मामला अब थाने तक पहुंच गया। क्षेत्रीय वनाधिकारी विकास कुमार वरुण ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, जान से मारने की धमकी देने, ट्रैक्टर लूटकर ले जाने आदि मामले में आठ नामजद कराते हुए 15-16 अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। कपिल चौधरी और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों को झूठा बताया है।
क्षेत्रीय वनाधिकारी विकास कुमार वरुण ने बताया कि हस्तिनापुर वन्य जीव विहार से दत्तियाना वन ब्लॉक आरक्षित, वन क्षेत्र सुजातपुर खादर उर्फ खद्दन की आरक्षित वन भूमि का सर्वे सीमांकन कराया जा रहा है। इस दौरान अतिक्रमित वन भूमि को करीब दस दिनों से कब्जा मुक्त कराने का कार्य किया जा रहा है। शुक्रवार को वन दरोगा वाकर रजा नकवी, वन दरोगा कर्मवीर सिंह, वन रक्षक बबलू सादिक, बीट प्रभारी प्रवीण सिरोही आदि वन भूमि से कब्जा मुक्त करा रहे थे।
आरोप लगाया कि कपिल चौधरी, विनीत, विरेंद्र कुमार राजपूत निवासी चांदपुर, अशोक निवासी गांव स्याली, देवेंद्र, धीरज, अनिल निवासी सुजातपुर खादर उर्फ खद्दन, रूप राम निवासी दत्तियाना और 15-16 अन्य ने आरक्षित वन क्षेत्र में घुस आए तथा कब्जा मुक्त कराने के लिए लाए गए किराए के तीन ट्रैक्टरों को जबरन रोक दिया। जान से मारने की धमकी देते हुए सभी कर्मचारियों को गाली गलौज की और मारपीट भी की। किराए के तीनों ट्रैक्टरों को छीन कर ले गए।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम आदि में रिपोर्ट दर्ज की है।
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क्षेत्रीय वनाधिकारी पर लगाए आरोप
उधर कपिल चौधरी का कहना है कि उन पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। क्षेत्रीय वनाधिकारी ने फोन पर उनके साथ अभद्रता की है। अधिकारी भाजपा की छवि को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने रेंजर से कोई अभद्रता नहीं की।
- बाहर के लोगों को खेती कराने का आरोप
भाजपा जिला महामंत्री विवेक कर्णवाल ने रेंजर पर आरोप लगाया कि उन्होंने खादर की जमीन शामली, कैराना, मुजफ्फरनगर आदि बाहर के लोगों को दे रखी है। करीब हजार लोग वहां बसे हुए हैं। सरकार से ओर से जमीन खाली कराने के आदेश आए हैं। कुछ जमीन स्थानीय लोगों ने भी जोत रखी थी। उनसे जमीन खाली करने को कह दिया था। स्थानीय लोगों से खाली करा ली गई थी। लेकिन शामली, मुजफ्फरनगर आदि बाहर के लोगों से खाली नहीं कराई। कपिल पर भी झूठा आरोप है। फोन पर रेंजर ने ही कपिल से अभद्रता की है। जो ट्रैक्टर जमीन जोत रहे थे उन्हें थाने पहुंचाया गया था। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया जा रहा है।
- जमीन वन विभाग की है, उसे कब्जा मुक्त कराया जा रहा है। कुछ लोगों ने वन कर्मियों के साथ मारपीट की और काम रोक दिया। उन पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। - अरुण कुमार सिंह, डीएफओ