- गत पेराई सत्र में इस समय तक हुई थी 895 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई - पिछले साल के सापेक्ष इस बार ज्यादा की 213 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई
संवाद न्यूज एजेंसी
अ। इस बार जनपद की चीनी मिलें गन्ना पेराई में पिछले सत्र का रिकाॅर्ड तोड़ रही हैं। अब तक जनपद की मिलें 1108 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी हैं। जबकि गत पेराई सत्र में चीनी मिलें 895 करोड़ क्विंटल गन्ने की ही पेराई कर पाई थीं। जनपद की चीनी मिलों ने पिछले साल के सापेक्ष इस बार 213 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई ज्यादा कर ली है। अभी जनपद में सात मिलें चल रही हैं, जो नया रिकाॅर्ड बनाने को तैयार हैं।
जनपद में ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना बुवाई होती है। समय पर बारिश नहीं होने से गन्ना पेड़ी का उत्पादन पर असर आया था, लेकिन गन्ना पौधे पर इस का असर कम रहा है। वर्तमान में पौधे गन्ने की कटाई चल रही है। यही वजह है कि जनपद की चीनी मिलें पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ रही हैं। गत पेराई सत्र में जनपद की नौ चीनी मिलों ने 1150 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। जनपद में खड़े गन्ना क्षेत्रफल को देखते हुए अभी पंद्रह दिनों से ज्यादा ही चीनी मिलें चलने की संभावना है।
पिछले सप्ताह दो दिन मौसम खराब होने से गन्ना पेराई सत्र और लंबा खींच गया। वर्तमान में बिजनौर चीनी मिल और बिलाई चीनी मिल को छोड़ दें, तो जिले की बाकी सात चीनी मिलों का पहिया घूम रहा है। गन्ना विभाग के रिकाॅर्ड अनुसार पांच मई तक जनपद की चीनी मिलें 1108 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी हैं। इसी तिथि और माह में पिछले सत्र में इन चीनी मिलों ने 895 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। जबकि पूरे सीजन में 1150 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी।
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दो चीनी मिलों का संचालन बंद हो गया और शेष चीनी मिलों का संचालन चल रहा है। इस बार चीनी मिलें पिछले साल के सापेक्ष ज्यादा गन्ने की पेराई करेंगी - पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी