रेहड़ में मिली दुर्लभ प्रजाति की प्रियोनैलूरस विवरिनस फिसिंग कैट। स्रोत वन विभाग।
- वन विभाग की टीम ने कैमरे में कैद की तस्वीर
-गुलदार की तलाश के दौरान जंगल में मिला यह जीव
संवाद न्यूज एजेंसी
रेहड़। रेहड़ के जंगलों में गुलदार की तलाश में लगी वन विभाग की टीम को हर रोज नए जीव दिख रहे हैं। जिन जीवों को दुर्लभ की श्रेणी में रखा गया है, वे सभी यहां के जंगलों में आसानी से दिख रहे हैं। अब दुर्लभ प्रजाति की फिशिंग कैट प्रियोनैलूरस विवरिनस नजर आई है। टीम में शामिल एक सदस्य ने इसका फोटो अपने कैमरे में भी कैद कर लिया है।
रेहड़ क्षेत्र के महसनपुर-सुआवाला मार्ग पर वन अधिकारी गुलदार की तलाश कर रहे थे। इस दौरान सर्च लाइट में दूर झाड़ियों के पीछे हुई हलचल नजर आई। पास जाकर देखने पर दुर्लभ प्रजाति की फिशिंग कैट होने का पता चला। वन अधिकारी ने फिशिंग कैट के वापस अंधेरे में गायब होने से पूर्व उसकी तस्वीर कैमरे में कैद कर ली गई। वन अधिकारी रंजीत कुमार एवं कार्तिक द्विवेदी ने बताया कि जंगल में मिली इस फिशिंग कैट प्रियोनैलुरस विवरिनस प्रजाति को 2016 से आईयूसीएन रेड लिस्ट में भी सूचीबद्ध किया गया है। फिशिंग कैट को एक संकेतक प्रजाति माना जाता है। उनकी उपस्थिति या अनुपस्थिति इंगित करती है कि पूरा पारिस्थितिक तंत्र कैसे कार्य कर रहा है।
इससे पहले भी कई जीव दिखे
वन अधिकारी रंजीत कुमार एवं कार्तिक द्विवेदी ने साथ मिलकर जिले में चार छोटी से मध्यम आकार की बिल्ली प्रजातियों- जंगल कैट, फिशिंग कैट, स्माल इंडियन सिविट कैट और रस्टी स्पॉटेड कैट की पहचान की है। पूर्व में भी इन वन अधिकारियों को दुर्लभ प्रजातियां खोजने में अनेक उपलब्धि हासिल हुई है।