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Bijnor News: जिले में अगस्त में सामान्य से 75.9 एमएम कम हुई बारिश

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-अगस्त माह में 310.9 एमएम बारिश होना सामान्य
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-अगस्त में हुई 235 एमएम औसत बारिश दर्ज की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में मौसम का मिजाज बदल हुआ है। शनिवार को दिन भी हल्की बूंदाबांदी हुई। मगर जिलेभर में इस साल अगस्त माह में सामान्य से 75.9 एमएम कम बारिश दर्ज की गई। जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार सावन बहुत कम बरसा। जरूरत पड़ने पर किसानों ने फसलों की ट्यूबवेल से सिंचाई की।

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगस्त माह में 310.90 एमएम बारिश होना सामान्य है। मगर इस बार अगस्त महीने में औसत 235 एमएम बारिश दर्ज की गई। पिछले छह सालों में बिजनौर में सत्र 2018-19, 2020-21 में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। बाकी सालों में सामान्य से कम वर्षा रही। इन दिनों फसलों को बारिश की जरूरत है। वहीं बारिश कम होने से गर्मी भी अपना असर दिखा रही है।
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कृषि विभाग की मानें तो जिलेभर में सितंबर माह में औसत करीब 40 एमएम बारिश दर्ज की गई। शनिवार को अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा। नगीना स्थित कृषि वेधशाला के प्रेषक सतीश कुमार का कहना है कि आगामी तीन दिनों में बारिश होने की संभावना बनी हुई है। जिससे किसानों को फायदा मिलेगा।

अगस्त में धामपुर तहसील में हुई सबसे कम वर्षा
कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार इस साल अगस्त महीने में धामपुर तहसील में सबसे कम 214 एमएम बर्षा हुई। चांदपुर तहसील में सर्वाधिक 270 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बिजनौर में 234 एमएम, नजीबाबाद में 266 एमएम, नगीना में 191 एमएम बारिश हुई।

पिछले छह सालों में अगस्त माह में हुई बारिश-
सत्र- बारिश
2018-19- 450.20
2019-20- 251.80
2020-21- 515.40
2021-22- 229.20
2022-23- 96.20
2023-24- 332.48
नोट: बारिश के आंकड़े कृषि विभाग से लिए हैं और बारिश एमएम में है।

इस मौसम में तेजी से बढ़ रहे वायरल बुखार के मरीज
मेडिकल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राजेश डाबरे ने बताया कि इस मौसम में वायरल बुखार, पेट दर्द, सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। साथ ही डेंगू, मलेरिया फैलाने वाले मच्छर के पनपने के लिए यह मौसम मुफीद है। मच्छर तेजी से पनप रहे हैं। इसलिए मच्छरदानी लगाकर सोएं। साथ ही पूरी आस्तीन के कपड़े और पैरों में जूते पहनें। रखा हुआ भोजन न खाएं। इस मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रहती है। जिससे बीमारियां लोगों पर हावी हो रही है। इसलिए खुद का बचाव करें।


अच्छी बारिश फसलों के लिए लाभकारी होती है। कम बारिश से उत्पादन पर असर पड़ता है। आजकल हुई बारिश अच्छी है। हवा चलने से गन्ने, धान की फसल गिरने का खतरा रहता है। - जसवीर तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर
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बिजनौर जनपद मुख्य फसल गन्ना और दूसरे नंबर धान की फसल खड़ी है। दोनों ही फसलों के लिए बारिश लाभकारी है। बिना आंधी तुफान बारिश अच्छी रहती है। जिससे फसलों का उत्पादन अच्छा होगा। - डॉ. केके सिंह, कृषि वैज्ञानिक
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