बिजनौर। पहाड़ पर लगातार हो रही बरसात से मैदानी इलाकों में गंगा उफन रही है। बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 219.70 मीटर जा पहुंचा। जोकि खतरे के निशान से महज 0.30 मीटर ही दूर है। उधर, गंगा में उफान आने से खादर के जंगल में बाढ़ का पानी भर रहा है। ऐसे में लोगों को गंगा की तरफ नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है।
सोमवार की सुबह आठ बजे हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज से गंगा में 145820 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा था। रविवार की रात में भी यही स्थिति रही। जिसके चलते बिजनौर बैराज पर गंगा के जलस्तर में उफान आया। जलस्तर सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक 219.70 मीटर बना रहा। हालांकि शाम को हरिद्वार से पानी छोड़े जाने में कमी दर्ज की गई मगर बिजनौर बैराज पर देर शाम तक जलस्तर कम नहीं हो पाया था।
उधर, गंगा के मैदानी इलाकों में बालावाली से बिजनौर बैराज तक खेतों में पानी घुस चुका था। खादर के जंगल में पानी भरने से फसल डूब चुकी हैं। इसके अलावा जलीलपुर क्षेत्र में भी खेतों में गंगा का पानी भरा हुआ है। जिससे खादर के किसानों के सामने चारे का संकट गहराया हुआ है। खादर के किसान गंगा किनारे के खेतों में चारा काटने भी नहीं जा पा रहे हैं।
- मैदानी इलाकों में बारिश होने की संभावना से बढ़ेगा उफान
अभी तक पहाड़ों पर ही बादल बरस रहे हैं। बिजनौर में बूंदाबांदी तक ही बादल सिमट कर रह जाते हैं। हालांकि अब बिजनौर में भी तेज बरसात की आशंका बनी हुई है। बारिश के अनुमान के साथ ही नदियों का जलस्तर बढ़ना तय है।
- 31 गांव में मंडराता है बाढ़ का खतरा
बाढ़ को लेकर 22 संवेदनशील और 09 अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। जिले में गंगा, रामगंगा, खो नदी काफी कटान करती है। धामपुर तहसील के गांव तिपरजोत, मुकरपुरी, नंदगा, सिपाहीवाला, बेरखेड़ा, कोपा, धुराहरा, मंधौरा, नाथोड़ोई समेत कई गांव में बाढ़ का खतरा बना रहता है। बिजनौर तहसील के गांव इच्छावाला, भगवतीपुर, लाडपुर, लतीफपुर, मुर्सफाबाद, हिम्मतपुर बेला, रामसहायवाला, बालावाली, सुक्खापुर, कुंदनपुर टीप, फतेहपुर सभाचंद, सीमली कोहरपुर, राजारामपुर, डैबलगढ़, रावली, बाकरपुर और यूसुफपुर बाढ़ झेलते हैं। नजीबाबाद तहसील के छोटी भूडी, पुंडरी कला, खैरूल्लापुर, कछियाना में बाढ़ आती है। नगीना तहसील के 11 गांव और चांदपुर तहसील के करीब बीस गांव भी बाढ़ से प्रभावित रहते हैं।
- बाढ़ से निपटने के इंतजाम किए जा रहे हैं। बाढ़ चौकियां, बाढ़ आश्रय स्थल, कंट्रोल रूप स्थापित किए जा रहे हैं। यदि कहीं बाढ़ की स्थिति बनती है तो तुरंत सहायता के लिए टीमों का गठन भी किया जा रहा है। - अरविंद कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व